त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा प्रदेश में मवेशियों के संरक्षा और किसानों के खेती-किसानी के दिनों में फसल को नुकसान न पहुंचे इसके लिए रोका-छेका अभियान शुरू किया गया था। सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों को गोठान में रखे जाने की व्यवस्था की गई, लेकिन अब पुनः सड़कों से मवेशियों को हटाने आदेश तक ही सीमित है, जमीनी स्तर पर कार्यवाही नजर नहीं आ रही है। मवेशी सड़कों पर स्वछंद विचरण करते नजर आ रहे हैं। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
बारिश का मौसम शुरू होते ही गौ पालक मवेशियों को अपने घर के गोठान में रखने के बजाए खुला छोड़ रहे हैं। इससे मवेशी शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों पर विचरण करते हुए लोगों के लिए परेशानी का शबब बने हुए हैं। शहरी क्षेत्र में जहां मुख्य मार्ग पर मवेशियों का जमावड़ा होने से वाहन चालक हादसे का शिकार हो रहे हैं। वहीं भारी वाहनों की चपेट में आकर मवेशी भी घायल हो रहे हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेती के कार्य में जुटे हुए हैं। खेत में फसल की बोआई भी शुरू हो गई है। खेतों में हरियाली आ गई है।
हरियाली देखकर मवेशी खेत और बाड़ी में प्रवेश कर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। शहर के पावर हाउस रोड, बुधवारी बाजार, आईटीआई-वीआईपी मार्ग, घंटाघर, सुभाष चौक, कोसाबाड़ी, रजगामार, इतवारी बाजार, सीतामणी सहित अन्य मार्ग पर मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। सर्वमंगला पुल से लेकर कुसमुंडा चौक, राताखार बायपास, तुलसी नगर मार्ग, बुधवारी सहित अन्य बायपास मार्ग पर भी बीच सड़क पर मवेशी बैठै रहते हैं। इससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। बावजूद इसके मवेशियों को सड़क से हटाने प्रशासनिक अफसर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।