कोरबा अंचल के ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे के पास की व्यावसायिक परिसर के सामने दीवार को अवैध मान की ध्वस्त







* अतिक्रमण हटाओ अभियान के अंतर्गत की गयी कार्यवाही
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा किसी भी क्षेत्र में किए गए अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर सरकार ने अपनी सभी एजेंसी को सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत कोरबा जिले व अंचल में भी इस प्रकार की कार्यवाही लगातार जारी हैं। नगरपालिक निगम की टीम ने ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे के पास व्यवसाय कंपलेक्स के सामने बनाई गई दीवार को अवैध मानते हुए उसे नष्ट करने की कार्यवाही करी।
जानकारी के अनुसार प्रशासन की ओर से सर्व संबंधित तंत्र को इस बारे में निर्देशित किया गया है कि वह अपने क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के बारे में न केवल जानकारी हासिल करें बल्कि इस दिशा में उचित सख्त कार्यवाही करें। अलग-अलग स्तर से मिल रही शिकायत के बाद ऐसे मामलों में कार्यवाही शुरू की गई है। नगर पालिका निगम की ओर से इसी श्रृंखला में ट्रांसपोर्ट नगर जोन के अंतर्गत रेलवे क्रॉसिंग चौराहे के पास व्यवसाय कंपलेक्स के सामने बनाई गई अवैध दीवार को ढहाने की कार्यवाही की गई। इस तरह का काम करने से लोगों को असुविधा हो रही थी और वह अक्सर परेशान हो रहे थे। किसी व्यक्ति की ओर से इस बारे में नगर निगम को सूचना दी गई और कार्रवाई करने की मांग की गई जिस पर अधिकारी ने संज्ञान लिया और अपनी टीम को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया। इलेक्ट्रॉनिक कारोबारी के द्वारा किये गए अवैध निर्माण को नगर निगम ने हाइड्रा के माध्यम से हटा दिया।
तोड़ू दस्ते की प्रभारी इंजीनियर योगेश राठौर ने बताया कि अतिक्रमण को लेकर लगातार सख्त कार्यवाही की जा रही है और इसी श्रृंखला में हमने यह कार्यवाही की है। जहां कहीं भी इस प्रकार के मामले प्रकाश में आएंगे उसे पर निश्चित रूप से निगम कार्रवाई करेगा। नगर निगम ने नागरिकों और व्यवसाईयों को कहां है कि वह किसी भी कारण से कहीं पर भी इस प्रकार के अनुचित काम बिल्कुल ना करें ऐसे मामले जानकारी मैं आने पर बुलडोजर चलेगा।
इससे पहले विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाने के साथ निगम की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई है और सरकारी संपत्ति को बेजा कब्जा से मुक्त कराया गया है। इससे पहले कटघोरा एसडीएम रिचा सिंह के निर्देशन में दर्री क्षेत्र के अंतर्गत 15 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करने के साथ वहां पर इस आशय का बोर्ड लाया गया है की जमीन सरकारी है और इसका वास्तविक स्वामी सरकार का विभाग है। बताया जा रहा है कि आगामी दिनों में कई प्रकार की योजनाओं को क्रियान्वित करना है और इसके लिए सरकार को बड़ी मात्रा में जमीन की जरूरत है। ऐसे में स्वाभाविक रूप से उसे जमीन चाहिए ही और जब स्थितियां अनुकूल होंगी तो बड़ी तेजी से योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना भी संभव होगा।





