जीवन के बाद भी जारी रहेगी सेवा… किसी को रोशनी तो किसी को नई जिंदगी देने का संकल्प
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सेवा संकल्प अभियान में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने पेश की मानवता की अनूठी मिसाल, डॉ. एस.एन. केशरी ने नेत्रदान तो वीणा मिस्त्री ने देहदान का लिया संकल्प
त्रिनेत्र टाइम्सकोरबा **//**कोरबा,23सितंबर2026
मानव सेवा केवल जीवनकाल तक सीमित नहीं होती, बल्कि एक नेक संकल्प के जरिए जीवन के बाद भी किसी जरूरतमंद के जीवन में उम्मीद और रोशनी लाई जा सकती है। इसी मानवीय भावना को साकार करते हुए सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित वृहद स्वास्थ्य एवं महारक्तदान शिविर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नेत्रदान और देहदान का संकल्प लेकर समाज के सामने संवेदना और सेवा की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने नेत्रदान, जबकि स्वास्थ्य विभाग की काउंसलर श्रीमती वीणा मिस्त्री ने देहदान का संकल्प लेते हुए घोषणा पत्र भरा। उनके इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
एक संकल्प से किसी की दुनिया में लौट सकती है रोशनी
नेत्रदान का संकल्प किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में दृष्टि का उजाला लाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। वहीं देहदान चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान के लिए उपयोगी आधार प्रदान करता है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा लिए गए इन संकल्पों ने सेवा संकल्प अभियान के उद्देश्य को और अधिक सार्थकता प्रदान की।
देहदान का संकल्प लेने वाली श्रीमती वीणा मिस्त्री ने कहा कि वह लंबे समय से देहदान के विषय में सोच रही थीं। सेवा संकल्प अभियान के अवसर पर अपना संकल्प पूरा करने पर उन्हें आत्मिक संतुष्टि मिली। उन्होंने कहा कि मृत्यु के बाद भी यदि उनका शरीर चिकित्सा शिक्षा या किसी जरूरतमंद के हित में उपयोगी साबित हो सके, तो इससे बड़ी सेवा उनके लिए कुछ नहीं हो सकती। उन्होंने समाज के लोगों से भी देहदान के महत्व को समझने और इस मानवीय पहल से जुड़ने की अपील की।
डॉ. केशरी बोले—हमारे बाद भी किसी की दुनिया रोशन हो, इससे बड़ा संकल्प क्या
सीएमएचओ डॉ. एस.एन. केशरी ने नेत्रदान का संकल्प लेते हुए कहा कि नेत्रदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में रोशनी लौटाने का माध्यम बन सकता है। उन्होंने कहा कि हमारे बाद भी हमारी आंखें किसी की दुनिया को रोशन करने में काम आएं, यह मानव सेवा की अत्यंत भावपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों को नेत्रदान के महत्व के प्रति जागरूक होने का आह्वान किया।
सेवा संकल्प अभियान ने दिया समाज को संवेदना का संदेश
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत लिए गए नेत्रदान और देहदान के संकल्प केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि समाज में मानवता, संवेदना और परोपकार की भावना को मजबूत करने वाला संदेश भी हैं। एक व्यक्ति का निर्णय किसी दूसरे के जीवन में नई उम्मीद, नई रोशनी और चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान का नया आधार बन सकता है।
वृहद स्वास्थ्य एवं महारक्तदान शिविर में सामने आई यह पहल इस संदेश को मजबूती देती है कि सेवा का भाव जीवन की सीमाओं से आगे तक पहुंच सकता है। देहदान और नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाकर समाज के अधिक से अधिक लोगों को इस मानवीय अभियान से जोड़ना ही सेवा संकल्प की भावना को व्यापक रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।







