डिजिटल पत्रकारिता लोकतंत्र की नई ताकत, वेब रिपोर्टरों को मिले मुख्यधारा के पत्रकारों के समान सम्मान और अधिकार : अधिवक्ता शिव साहू
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ग्राउंड जीरो पर हर परिस्थिति में खबरों के लिए जुटे रहते हैं डिजिटल पत्रकार, जनता की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाने में निभा रहे अहम भूमिका; वैधानिक मान्यता, सुरक्षा और सम्मान की व्यवस्था समय की मांग
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। बदलते दौर में पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। इंटरनेट और स्मार्टफोन के बढ़ते उपयोग ने समाचारों की दुनिया को नई दिशा दी है। आज किसी भी घटना, जनसमस्या, प्रशासनिक निर्णय या सामाजिक गतिविधि की जानकारी कुछ ही पलों में लोगों तक पहुंच रही है। डिजिटल मीडिया और वेब पोर्टल अब आम जनता की आवाज को व्यापक मंच देने के साथ लोकतंत्र में जनभागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम बनते जा रहे हैं। ऐसे में डिजिटल पत्रकारिता के महत्व को स्वीकार करना और इससे जुड़े पत्रकारों को उचित सम्मान एवं अधिकार देना समय की आवश्यकता है। यह बात जिला एवं सत्र न्यायालय कोरबा के अधिवक्ता संघ के कार्यकारिणी सदस्य अधिवक्ता शिव साहू ने कही।
उन्होंने कहा कि डिजिटल पत्रकारिता केवल समाचार प्रसारित करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की समस्याओं को सामने लाने, आम नागरिकों की आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने और व्यवस्था को जवाबदेह बनाने का एक प्रभावी मंच है। पहले किसी घटना की जानकारी लोगों तक पहुंचने में काफी समय लगता था, लेकिन आज वेब पोर्टल के माध्यम से घटनास्थल से ही समाचार और आवश्यक सूचनाएं आम लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं।
ग्राउंड जीरो पर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं वेब रिपोर्टर
अधिवक्ता शिव साहू ने कहा कि डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक ताकत उसके रिपोर्टर हैं, जो भीषण गर्मी, तेज बारिश, रात-दिन और आपातकालीन परिस्थितियों में भी घटनास्थल पर पहुंचकर समाचार संकलन करते हैं। सड़क हादसे, जनसमस्याएं, धरना-प्रदर्शन, प्रशासनिक गतिविधियां, सामाजिक आयोजन और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को वे तत्काल जनता के सामने लाते हैं। कई बार सीमित संसाधनों के बावजूद वे लगातार सक्रिय रहकर पत्रकारिता का दायित्व निभाते हैं। उनकी मेहनत के कारण स्थानीय समस्याओं को भी व्यापक पहचान मिलती है।
प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के समान मिले सम्मान और अधिकार
उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल्यांकन केवल उसके माध्यम के आधार पर नहीं होना चाहिए। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया तीनों ही समाज तक सूचना पहुंचाने का काम करते हैं। इसलिए जिम्मेदारीपूर्वक पत्रकारिता करने वाले वेब पोर्टल के संवाददाताओं को भी उचित सम्मान मिलना चाहिए। शासकीय आयोजनों में पारदर्शी और समान अवसर, पत्रकारों की सुरक्षा, कार्य के दौरान आवश्यक सहयोग तथा डिजिटल मीडिया के लिए स्पष्ट वैधानिक व्यवस्था विकसित करने की दिशा में गंभीर पहल होनी चाहिए।
जिम्मेदार और विश्वसनीय पत्रकारिता भी उतनी ही जरूरी
अधिवक्ता शिव साहू ने कहा कि डिजिटल मीडिया की बढ़ती पहुंच के साथ समाचारों की सत्यता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना भी आवश्यक है। खबरों का प्रकाशन तथ्यों की पुष्टि के बाद हो, किसी की प्रतिष्ठा और अधिकारों का ध्यान रखा जाए तथा पत्रकारिता के मूल्यों का पालन किया जाए। डिजिटल पत्रकारों को अधिकारों के साथ अपनी जिम्मेदारियों का भी पूरी निष्ठा से निर्वहन करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं को सामने लाने, पीड़ितों की आवाज को उचित मंच देने, कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जनता को जागरूक करने और सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाने में डिजिटल मीडिया की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
अंत में अधिवक्ता संघ के कार्यकारिणी सदस्य शिव साहू ने कोरबा जिले सहित छत्तीसगढ़ के समस्त डिजिटल पत्रकारों और वेब पोर्टल के संवाददाताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी मेहनत, निष्पक्षता और जिम्मेदार कार्यशैली का सम्मान होना चाहिए। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत बनाने में डिजिटल पत्रकारिता की भागीदारी को उचित पहचान मिलना आवश्यक है।
