July 31, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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₹6,597 करोड़ का शुद्ध लाभ, ₹10,499 करोड़ का रिकॉर्ड एबिटडा; पहली ही तिमाही में निवेशकों को ₹8 प्रति शेयर अंतरिम लाभांश का तोहफा
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** मुंबई। भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड (VAML) ने स्वतंत्र कंपनी के रूप में अपने पहले ही तिमाही परिणामों में शानदार प्रदर्शन करते हुए उद्योग जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के वित्तीय नतीजों में कंपनी ने आय, उत्पादन, लाभ और परिचालन दक्षता के लगभग सभी प्रमुख मानकों पर रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज किया है।
कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 205 प्रतिशत बढ़कर ₹6,597 करोड़ पहुंच गया, जबकि एबिटडा (EBITDA) 134 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹10,499 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को देखते हुए कंपनी के निदेशक मंडल ने ₹8 प्रति शेयर के पहले अंतरिम लाभांश को भी मंजूरी प्रदान की है।
रिकॉर्ड आय ने बनाया नया इतिहास
वेदांता एल्युमिनियम की कुल आय बढ़कर ₹21,105 करोड़ हो गई, जो कंपनी के इतिहास में अब तक की सबसे अधिक तिमाही आय है। यह पिछली तिमाही की तुलना में 13 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 45 प्रतिशत अधिक है।
विशेषज्ञों के अनुसार बिक्री की मात्रा में वृद्धि, वैश्विक बाजार में बेहतर कीमतें तथा परिचालन दक्षता में सुधार ने कंपनी की आय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
एबिटडा मार्जिन 50 प्रतिशत पर पहुंचा, लागत नियंत्रण बना बड़ी ताकत
कंपनी का एबिटडा बढ़कर रिकॉर्ड ₹10,499 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही से 24 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान अवधि से 134 प्रतिशत अधिक है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि लागत नियंत्रण और उत्पादन क्षमता में सुधार के चलते कंपनी का एबिटडा मार्जिन बढ़कर 50 प्रतिशत पर पहुंच गया, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रदर्शन वेदांता एल्युमिनियम की परिचालन दक्षता और लागत प्रबंधन की मजबूती को दर्शाता है।
उत्पादन में भी नया रिकॉर्ड
वेदांता एल्युमिनियम ने उत्पादन के क्षेत्र में भी नए रिकॉर्ड स्थापित किए हैं।
एल्युमिनियम उत्पादन: 632 किलो टन (अब तक का सर्वाधिक)
वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स (VAP): 389 किलो टन (रिकॉर्ड स्तर)
एल्युमिना उत्पादन: 826 किलो टन
कंपनी का एल्युमिनियम उत्पादन पिछले वर्ष की तुलना में 5 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि वैल्यू एडेड उत्पादों का उत्पादन 14 प्रतिशत और एल्युमिना उत्पादन 41 प्रतिशत तक बढ़ गया है।
कर्ज घटा, वित्तीय स्थिति हुई और मजबूत
वेदांता एल्युमिनियम ने वित्तीय अनुशासन का परिचय देते हुए अपने कर्ज में भी उल्लेखनीय कमी की है। कंपनी का नेट डेट-टू-एबिटडा अनुपात 1.3 गुना से घटकर 0.9 गुना हो गया है।
इसी मजबूत प्रदर्शन के आधार पर देश की प्रमुख रेटिंग एजेंसियों क्रिसिल (CRISIL) और आईसीआरए (ICRA) ने कंपनी की क्रेडिट रेटिंग बढ़ाकर AA+ (स्टेबल) कर दी है।
सीईओ राजेश कुमार बोले—‘यह केवल शुरुआत है’
वेदांता एल्युमिनियम के पूर्णकालिक निदेशक एवं सीईओ राजेश कुमार ने कहा कि स्वतंत्र कंपनी के रूप में यह पहली तिमाही बेहद उत्साहजनक रही है।
उन्होंने कहा कि मजबूत परिचालन व्यवस्था, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, कच्चे माल की सुरक्षित उपलब्धता और उच्च मूल्य वाले उत्पादों पर विशेष फोकस ने कंपनी को यह उपलब्धि दिलाई है।
राजेश कुमार ने कहा कि कंपनी का लक्ष्य केवल विकास करना नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों के अनुरूप एक मजबूत, टिकाऊ और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी एल्युमिनियम कारोबार का निर्माण करना है।
सीएफओ अनुप अग्रवाल ने बताया विकास का रोडमैप
कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी अनुप अग्रवाल ने कहा कि रिकॉर्ड आय, रिकॉर्ड एबिटडा और मजबूत लाभप्रदता के साथ कंपनी ने स्वतंत्र इकाई के रूप में शानदार शुरुआत की है।
उन्होंने कहा कि मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर क्रेडिट रेटिंग और वित्तीय स्थिरता के कारण कंपनी को अपनी रणनीतिक विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में अधिक लचीलापन मिलेगा। कंपनी भारत और वैश्विक बाजारों में ऊर्जा परिवर्तन, बुनियादी ढांचे, परिवहन, पैकेजिंग और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए तैयार है।
ईएसजी (ESG) क्षेत्र में भी शानदार उपलब्धियां
4 लाख लोगों तक पहुंची सामाजिक पहलें
वेदांता एल्युमिनियम ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाते हुए सीएसआर कार्यक्रमों के माध्यम से लगभग 4 लाख लोगों तक सहायता पहुंचाई। कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए 72 हजार लोगों को सशक्त बनाया गया, जबकि विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 27 लाख महिलाओं और बच्चों को लाभ मिला।
स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण में बड़ी उपलब्धि
नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग 38% बढ़कर 70.1 करोड़ यूनिट पहुंचा।
ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में लगभग 3% कमी दर्ज की गई।
वित्त वर्ष 2021 की तुलना में उत्सर्जन में कुल 11.6% की कमी आई।
लगभग 49 लाख घन मीटर पानी का पुनः उपयोग किया गया।
फ्लाई ऐश का 120 प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया गया।
अब तक 29 लाख पेड़ लगाए जा चुके हैं।
सुरक्षा और समावेशिता पर विशेष जोर
कंपनी ने कार्यस्थल सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के नियमित निरीक्षण, जोखिम प्रबंधन प्रणालियों और सुरक्षा संवाद कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया। परिणामस्वरूप कार्यस्थल दुर्घटनाओं और गंभीर चोटों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।
वेदांता एल्युमिनियम ने कार्यस्थल पर 21 प्रतिशत लैंगिक विविधता बनाए रखी तथा LGBTQ+ कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 35 से अधिक कर दी, जिससे समावेशी और आधुनिक कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिला।
वैश्विक एल्युमिनियम उद्योग में मजबूत हो रही वेदांता की स्थिति
रिकॉर्ड वित्तीय प्रदर्शन, बढ़ते उत्पादन, मजबूत बैलेंस शीट, बेहतर क्रेडिट रेटिंग और पर्यावरणीय एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति प्रतिबद्धता के साथ वेदांता एल्युमिनियम ने यह संकेत दे दिया है कि वह केवल भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सबसे मजबूत और प्रतिस्पर्धी एल्युमिनियम कंपनियों में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रही है।
वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजे कंपनी के लिए केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की विकास यात्रा का मजबूत आधार भी माने जा रहे हैं।

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