“कब मिलेगी साइकिल?”… नई उम्मीदों के साथ इंतजार में थीं जवाली की बेटियां, शिक्षा की राह आसान होने की थी आस



सरस्वती साइकिल योजना का बेसब्री से इंतजार कर रही थीं कक्षा नवमी की छात्राएं, स्कूल आने-जाने की मुश्किलें खत्म होने की थी उम्मीद
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा/जवाली। ग्राम जवाली स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की कक्षा नवमी में अध्ययनरत छात्राओं की निगाहें पिछले कई दिनों से सरस्वती साइकिल योजना पर टिकी थीं। दूर-दराज के गांवों से प्रतिदिन विद्यालय पहुंचने वाली बेटियां इस उम्मीद में थीं कि शासन की योजना के तहत मिलने वाली साइकिल उनके शिक्षा के सफर को आसान बनाएगी। विद्यालय आने-जाने में होने वाली कठिनाइयों के कारण छात्राओं और उनके अभिभावकों को लंबे समय से इस योजना का इंतजार था।
विद्यालय परिवार भी छात्राओं को साइकिल वितरण की तैयारियों में जुटा हुआ था। छात्राओं के चेहरे पर यह उत्सुकता साफ दिखाई दे रही थी कि आखिर वह दिन कब आएगा, जब उन्हें अपनी नई साइकिल मिलेगी और वे बिना किसी परेशानी के नियमित रूप से विद्यालय पहुंच सकेंगी।
सरस्वती साइकिल योजना का उद्देश्य केवल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की बालिकाओं को शिक्षा से जोड़े रखना, विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना तथा बालिका शिक्षा को नई गति देना है। यही कारण था कि छात्राओं के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी इस योजना के क्रियान्वयन का बेसब्री से इंतजार था।

साइकिल मिली तो खिल उठे चेहरे, जवाली की 35 बेटियों को मिली शिक्षा की नई रफ्तार
सरस्वती साइकिल योजना से छात्राओं के सपनों को लगे पंख, नियमित पढ़ाई और उज्ज्वल भविष्य का लिया संकल्प
कोरबा/जवाली। जिस पल का इंतजार छात्राएं लंबे समय से कर रही थीं, वह आखिरकार खुशी में बदल गया। ग्राम जवाली स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित गरिमामय समारोह में सरस्वती साइकिल योजना के अंतर्गत कक्षा नवमी की 35 छात्राओं को साइकिलों का वितरण किया गया। साइकिल मिलते ही छात्राओं के चेहरों पर खुशी साफ झलकने लगी और विद्यालय परिसर तालियों की गूंज से भर उठा।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती कल्पना बर्वे, पूर्व प्रभारी प्राचार्य दीपक कुमार चन्द्रा, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव, अभिभावकों, शिक्षकों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं।
अतिथियों ने कहा कि यह साइकिल केवल विद्यालय आने-जाने का साधन नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम है। उन्होंने छात्राओं से नियमित अध्ययन, अनुशासन और कठिन परिश्रम के साथ अपने लक्ष्य प्राप्त करने का आह्वान किया।
प्राचार्य श्रीमती कल्पना बर्वे ने कहा कि शासन की यह योजना बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने छात्राओं से साइकिल का सदुपयोग करते हुए नियमित विद्यालय आने और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के बाद छात्राओं और अभिभावकों ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब विद्यालय तक का सफर पहले की तुलना में अधिक आसान और सुरक्षित होगा। साथ ही विद्यालय परिवार ने आगामी दिनों में विद्यार्थियों की सहभागिता से वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाने का भी निर्णय लिया, जिससे शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी समाज तक पहुंचाया जा सके।


