July 14, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

 

संयंत्र भ्रमण के दौरान ताजा हुईं दशकों पुरानी यादें, आधुनिक तकनीक, सुरक्षा व्यवस्था और विकास की नई उड़ान देखकर जताया गर्व
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* बालकोनगर,13 जुलाई कभी जिन मशीनों की गूंज उनकी दिनचर्या का हिस्सा थी, जिन उत्पादन इकाइयों में उन्होंने वर्षों तक अपनी मेहनत और समर्पण से बालको की नींव को मजबूत किया, उन्हीं कार्यस्थलों पर वर्षों बाद लौटना सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए भावनाओं से भरा अविस्मरणीय अनुभव बन गया। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा आयोजित विशेष संयंत्र भ्रमण कार्यक्रम ने पूर्व कर्मचारियों को अपनी पुरानी यादों से फिर रूबरू होने का अवसर दिया।
कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने स्मेल्टर, कास्ट हाउस, पावर प्लांट सहित संयंत्र की विभिन्न प्रमुख इकाइयों का भ्रमण किया। जिन स्थानों पर कभी उन्होंने अपनी सेवाएं दी थीं, वहां आज अत्याधुनिक तकनीक, डिजिटलीकरण, उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता को देखकर सभी ने बालको की उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। कंपनी के प्रतिनिधि विजय बाजपेयी एवं प्रखर सिंह ने उन्हें कंपनी की वर्तमान उपलब्धियों, विस्तार योजनाओं और भविष्य की विकास यात्रा की विस्तृत जानकारी भी दी।
इस अवसर पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारी कंपनी की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने अपने समर्पण, परिश्रम और अनुभव से बालको की विकास यात्रा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। ऐसे कर्मयोगियों का पुनः स्वागत करना और उन्हें आधुनिक स्वरूप में विकसित होते बालको का साक्षी बनाना कंपनी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि पूर्व कर्मचारियों का योगदान हमेशा बालको की गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहेगा और वर्तमान पीढ़ी को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
संयंत्र भ्रमण के दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वर्षों बाद कार्यस्थल लौटना उनके लिए किसी भावनात्मक पुनर्मिलन से कम नहीं था। उन्होंने बताया कि आज का बालको तकनीक, सुरक्षा और उत्पादन क्षमता के मामले में नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुका है।
सेवानिवृत्त कर्मचारी रघुवर प्रसाद पटेल ने बताया कि जिस स्मेल्टर में कभी लगभग एक लाख टन उत्पादन होता था, वही संयंत्र आज दस लाख टन उत्पादन क्षमता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद से बालको ने लगातार विकास किया है और टाउनशिप के सौंदर्यीकरण में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।
बसंत तिवारी ने कहा कि संयंत्र पहले की तुलना में अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आधुनिक हो गया है। उन्होंने प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना कंपनी की कार्यसंस्कृति को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के संयंत्र भ्रमण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की अपेक्षा जताई।
सनत कुमार सोंधिया ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जिस संयंत्र को उन्होंने एक छोटे पौधे की तरह विकसित होते देखा था, वह आज विशाल बरगद का रूप ले चुका है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित सुरक्षा प्रणाली और आधुनिक तकनीकों ने कार्यस्थल को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित और सक्षम बना दिया है।
यह आयोजन केवल एक औपचारिक भ्रमण नहीं, बल्कि बालको की समृद्ध विरासत, वर्तमान उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को जोड़ने वाला भावनात्मक सेतु साबित हुआ। जिन हाथों ने कभी कंपनी की मजबूत नींव रखी थी, उन्हीं कर्मयोगियों ने आधुनिक बालको को देखकर गर्व, संतोष और आत्मीयता का अनुभव किया।
बालको प्रबंधन ने कहा कि कंपनी अपने वर्तमान और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे आयोजन अनुभव, ज्ञान और प्रेरणा के आदान-प्रदान के साथ-साथ संगठन और उसके पूर्व कर्मचारियों के बीच आत्मीय जुड़ाव को और मजबूत बनाते हैं।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.