नववर्ष का आध्यात्मिक स्वागत होगा श्रीधाम वृंदावन में, 26 दिसंबर से 1 जनवरी तक श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य आयोजन



प्रेम मंदिर के समीप सुखधाम भवन में श्रीहित ललितवल्लभ नागार्च जी महाराज के श्रीमुख से बहेगी श्रीमद्भागवत कथा की अमृतधारा, देशभर के श्रद्धालुओं को किया गया आमंत्रित
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* वृंदावन। भगवान श्रीकृष्ण की लीलास्थली श्रीधाम वृंदावन एक बार फिर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दिव्य आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। 26 दिसंबर 2026 से 1 जनवरी 2027 तक सुखधाम भवन, केशव धाम रोड, प्रेम मंदिर के निकट आयोजित होने वाली इस भव्य कथा में श्रद्धालु नए वर्ष 2027 का स्वागत भक्ति, सत्संग और भगवान श्रीकृष्ण की कथा के श्रवण के साथ करेंगे। कथा का आयोजन युवा समर्पण, राजगंज (धनबाद, झारखंड) द्वारा किया जा रहा है।
इस पावन आयोजन में श्रीधाम वृंदावन के सुप्रसिद्ध कथा व्यास श्रीहित ललितवल्लभ नागार्च जी महाराज प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक श्रीमद्भागवत महापुराण की दिव्य कथा का रसपान कराएंगे।
क्यों विशेष है श्रीधाम वृंदावन में कथा का आयोजन
श्रीधाम वृंदावन केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल एवं किशोर लीलाओं की पावन भूमि मानी जाती है। यहीं श्रीकृष्ण ने गोप-गोपियों के साथ रास रचाया, माखन चुराया, कालिय नाग का दमन किया और अपनी अनगिनत दिव्य लीलाओं से इस धरा को पवित्र बनाया। ऐसी पुण्यभूमि पर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना सनातन परंपरा में अत्यंत फलदायी माना जाता है। यही कारण है कि देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु हर वर्ष वृंदावन पहुंचकर आध्यात्मिक शांति और भगवान की कृपा का अनुभव करते हैं।
आयोजकों का कहना है कि “आओ करें 2027 का स्वागत भगवतधाम वास एवं भागवत कथा के श्रवण के साथ” केवल एक संदेश नहीं, बल्कि जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा, सकारात्मक सोच और भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ाने का आह्वान है। वर्ष के अंतिम दिनों और नए वर्ष के प्रथम दिन को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में समर्पित करना जीवन को नई दिशा और नई प्रेरणा प्रदान करता है।
कथा के दौरान श्रीहित ललितवल्लभ नागार्च जी महाराज श्रीमद्भागवत महापुराण के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, धर्म, भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, प्रेम और मानव जीवन के आध्यात्मिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे। कथा स्थल पर प्रतिदिन भक्ति, कीर्तन और आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को दिव्य अनुभूति प्रदान करेगा।
आयोजन समिति ने बताया कि जो श्रद्धालु पोथी यजमान बनना चाहते हैं अथवा पोथी रखवाना चाहते हैं, वे 9431376581 एवं 8709054940 पर संपर्क कर सकते हैं।
समिति ने देशभर के श्रद्धालुओं से इस दिव्य आयोजन में सपरिवार शामिल होकर श्रीधाम वृंदावन में भगवतधाम वास, श्रीमद्भागवत कथा श्रवण और नववर्ष के आध्यात्मिक स्वागत का पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है। आयोजकों का विश्वास है कि यह सात दिवसीय कथा श्रद्धालुओं के जीवन में भक्ति, शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक चेतना का नया संचार करेगी।


