“कांग्रेस के झूठ का हुआ पर्दाफाश, नकटी मामले में जनता को गुमराह करने की साजिश बेनकाब” — केदार कश्यप



वन मंत्री का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले—2020 में खुद शुरू की भूमि आबंटन प्रक्रिया, अब राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए फैला रही झूठ और भ्रम
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* रायपुर। नकटी भूमि प्रकरण को लेकर कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों का वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने तीखे शब्दों में जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस पूरी तरह झूठ, भ्रम और भड़काऊ राजनीति के सहारे सरकार की छवि धूमिल करने की नाकाम कोशिश कर रही है। भाजपा प्रदेश कार्यालय एकात्म परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि कांग्रेस जिस मुद्दे पर आज शोर मचा रही है, उसकी नींव उसी की सरकार ने वर्ष 2020 में रखी थी। अब अपने पाप छिपाने के लिए जनता को गुमराह करने का अभियान चलाया जा रहा है।
केदार कश्यप ने कहा कि राजस्व अभिलेख इस बात के स्पष्ट प्रमाण हैं कि 1 सितंबर 2020 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने संबंधित भूमि को हाउसिंग बोर्ड को आबंटित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। प्रशासनिक अनुमतियां, एनओसी और अन्य औपचारिकताएं भी कांग्रेस शासनकाल में पूरी हुईं। इसी दौरान सरकारी भूमि पर अतिक्रमण लगातार बढ़ता गया और लगभग 3 हेक्टेयर से बढ़कर 15 हेक्टेयर तक फैल गया। आज कांग्रेस इन्हीं तथ्यों को छिपाकर जनता के बीच झूठ फैलाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कांग्रेस के उस दावे को पूरी तरह झूठा बताया जिसमें कहा जा रहा है कि नकटी गांव को उजाड़ दिया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि गांव के 17 वार्डों में से केवल एक वार्ड में सरकारी भूमि पर हुए अवैध कब्जे हटाए गए हैं। पूरे गांव को उजाड़े जाने का प्रचार कांग्रेस की सुनियोजित राजनीतिक साजिश है, जिसका उद्देश्य केवल लोगों को भड़काना और सामाजिक माहौल खराब करना है।
केदार कश्यप ने कहा कि जिला प्रशासन ने पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर और पूरी संवेदनशीलता के साथ की। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था के लिए लगातार प्रयास किए गए। सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है कि किसी भी गरीब, किसान या जरूरतमंद के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने कांग्रेस पर दोहरा चरित्र अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भूपेश बघेल सरकार के समय ग्राम सेरीखेड़ी में लगभग 150 परिवारों को बिना किसी समुचित पुनर्वास के हटाया गया था। उस समय कांग्रेस नेताओं को गरीबों की चिंता नहीं थी। जबकि विष्णुदेव साय सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रभावित परिवारों को नया रायपुर में आवास उपलब्ध कराया, मकानों की चाबियां सौंपीं और सम्मानपूर्वक वहां तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की। यही भाजपा और कांग्रेस की कार्यशैली का सबसे बड़ा अंतर है।
वन मंत्री ने कांग्रेस पर लोगों को भड़काने और प्रशासनिक कार्रवाई को राजनीतिक आंदोलन का रूप देने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं ने धरना-प्रदर्शन और भ्रम फैलाने की पूरी कोशिश की, लेकिन जनता ने उनके राजनीतिक षड्यंत्र को नकार दिया। अब कांग्रेस फिर से झूठे आरोपों के सहारे माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रही है।
केदार कश्यप ने विधायक कॉलोनी बनाए जाने के कांग्रेस के आरोप को भी पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन बताया। उन्होंने कहा कि संबंधित भूमि के उपयोग को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। वर्तमान में भूमि राजस्व विभाग के अधीन है और भविष्य में नियमानुसार सक्षम विभागों द्वारा निर्णय लिया जाएगा। कांग्रेस बिना किसी आधार के झूठा प्रचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास जनता के सामने रखने के लिए कोई सकारात्मक मुद्दा नहीं बचा है। इसलिए वह झूठ, अफवाह और उकसावे की राजनीति कर रही है। लेकिन प्रदेश की जनता अब कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है और ऐसे भ्रामक अभियानों को लगातार नकार रही है।
प्रेस वार्ता के अंत में केदार कश्यप ने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि वह नकटी मामले पर झूठ फैलाकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास बंद करे। यदि वास्तव में गरीबों की चिंता है तो तथ्यों के आधार पर बात करे, न कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए प्रदेश सरकार को बदनाम करने का असफल प्रयास करे।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी एवं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास भी उपस्थित रहे।


