समावेशिता की नई मिसाल बना बालको: प्राइड मंथ अभियान से 2 हजार से अधिक लोगों को जोड़ा, सम्मान और समान अवसर का दिया सशक्त संदेश



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* बालकोनगर,06 जुलाई वेदांता एल्यूमिनियम की इकाई भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने एक माह तक चलाए गए प्राइड मंथ अभियान के माध्यम से विविधता, समानता और समावेशिता (डीई एंड आई) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक मजबूत किया। इस व्यापक अभियान में 2,000 से अधिक कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदारों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। पूरे अभियान का उद्देश्य ऐसा कार्यस्थल विकसित करना रहा, जहां हर व्यक्ति को सम्मान, समान अवसर और अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

प्राइड मंथ के दौरान बालको परिसर में जागरूकता सत्र, कर्मचारी सहभागिता कार्यक्रम, प्रेरक अनुभव साझा करने के सत्र, प्रतियोगिताएं, क्विज़, वित्तीय साक्षरता कार्यशालाएं तथा प्राइड मार्च का आयोजन किया गया। इन आयोजनों के माध्यम से एलजीबीटीक्यूआई प्लस समुदाय के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के साथ-साथ सहयोग, समानता और अपनत्व की भावना को प्रोत्साहित किया गया।
बालको ने ट्रांसजेंडर कर्मचारियों के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण नीतियां लागू की हैं। एजुकेशन सपोर्ट पॉलिसी के तहत 18 माह की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को व्यावसायिक शिक्षा के लिए एक लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। वहीं जेंडर रिफर्मेशन पॉलिसी के अंतर्गत जेंडर रिफर्मेशन सर्जरी के लिए दो लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता तथा 30 दिनों का सवेतन अवकाश उपलब्ध कराया जाता है। अब तक सात कर्मचारी इन सुविधाओं का लाभ उठा चुके हैं। कंपनी का मानना है कि ऐसी पहलें समान अवसर उपलब्ध कराने और सामाजिक अंतराल को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश सिंह ने कहा कि विविधता ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है और समावेशन एक सफल एवं उच्च प्रदर्शन वाले संस्थान की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि बालको केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसा कार्यस्थल तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां प्रत्येक कर्मचारी सम्मान, समान अवसर और अपनत्व का अनुभव करे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कंपनी में 21 ट्रांसजेंडर कर्मचारी विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं और भविष्य में उनकी भागीदारी को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान ट्रांसजेंडर कर्मचारी देवसेना चौहान ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि बालको ने उन्हें नौकरी के साथ उच्च शिक्षा जारी रखने का अवसर दिया। कंपनी की शिक्षा सहायता योजना के कारण वे एम.टेक. की पढ़ाई पूरी करने की दिशा में आगे बढ़ सकीं। उन्होंने कहा कि यह सहयोग उनके आत्मविश्वास और करियर दोनों के लिए नई ऊर्जा लेकर आया है तथा वे ऐसे संगठन का हिस्सा बनकर गर्व महसूस करती हैं, जो कर्मचारियों की क्षमता पर विश्वास करता है।
अभियान के अंतर्गत आयोजित प्राइड मार्च में कर्मचारियों, व्यावसायिक साझेदारों और स्थानीय समुदाय ने समानता एवं सम्मान के समर्थन में एकजुट होकर भाग लिया। इसके अलावा भारत सरकार के डाक विभाग के सहयोग से वित्तीय स्वतंत्रता और वित्तीय जागरूकता पर विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। पूरे माह के दौरान बालको के डीई एंड आई शुभंकर ‘डाइवर्सीदी’ ने प्रेरक कहानियों, जागरूकता संदेशों, शैक्षणिक सामग्री और क्विज़ के माध्यम से समावेशी संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बालको की समावेशन रणनीति तीन प्रमुख आधारों पर केंद्रित है—ट्रांसजेंडर प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना, तकनीकी एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल विकास करना तथा संवेदनशील और सहयोगी कार्य संस्कृति का निर्माण करना। इन प्रयासों का सकारात्मक परिणाम यह है कि आज एलजीबीटीक्यूआई प्लस समुदाय से जुड़े कर्मचारी सामग्री प्रबंधन, फोर्कलिफ्ट संचालन, सुरक्षा और अन्य महत्वपूर्ण परिचालन क्षेत्रों में आत्मविश्वास, सम्मान और उत्कृष्ट कार्यकुशलता के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
प्राइड मंथ अभियान के माध्यम से बालको ने यह संदेश दिया कि एक सशक्त संगठन वही है, जहां विविधता को सम्मान मिले, समान अवसर सभी को उपलब्ध हों और प्रत्येक व्यक्ति अपनी पहचान के साथ गर्वपूर्वक आगे बढ़ सके। यह पहल उद्योग जगत में समावेशी कार्य संस्कृति को नई दिशा देने वाली एक प्रेरणादायी मिसाल बनकर उभरी है।


