आरके किड्स टैलेंट रनवे 2026 में दिखेगी प्रतिभा, संस्कृति और संस्कारों की अनूठी झलक



बच्चों के हुनर को मिलेगा भव्य मंच, वहीं ‘मातृ-पितृ वंदन सम्मान’ के माध्यम से होगा बुजुर्गों का अभिनंदन
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* बिलासपुर। बच्चों की प्रतिभाओं को नई उड़ान देने और भारतीय संस्कृति एवं पारिवारिक मूल्यों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आरके किड्स टैलेंट रनवे 2026 (सीजन-5) का भव्य आयोजन 5 जुलाई 2026 को लखीराम अग्रवाल स्मृति सभागार, मिशन हॉस्पिटल रोड, बिलासपुर में आयोजित किया जाएगा। इस बार कार्यक्रम की थीम “भारतीय संस्कृति” रखी गई है, जिसके माध्यम से नन्हे कलाकार अपनी कला के साथ देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी प्रदर्शन करेंगे।
कार्यक्रम की सबसे खास विशेषता “मातृ-पितृ वंदन सम्मान 2026” होगी, जिसमें प्रतिभागी अपने माता-पिता एवं परिवार के बुजुर्गों को मंच पर सम्मानित कर भारतीय संस्कृति के सबसे बड़े संस्कार—माता-पिता के सम्मान—का संदेश देंगे। आयोजकों का मानना है कि बच्चों में प्रतिभा के साथ संस्कारों का विकास भी उतना ही आवश्यक है, इसलिए इस आयोजन को केवल प्रतियोगिता नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता का अभियान बनाया गया है।

आयोजन में 3 से 16 वर्ष तक के बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। प्रतिभागी फैशन शो, नृत्य, गायन, अभिनय एवं अन्य रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को प्रमाण-पत्र एवं आकर्षक उपहार प्रदान किए जाएंगे।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) डॉ. वर्णिका शर्मा होंगी। उनकी गरिमामयी उपस्थिति बच्चों का उत्साहवर्धन करेगी तथा समाज में बाल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का संदेश देगी।
आयोजिका श्रीमती कविता सोनी ने बताया कि आरके किड्स टैलेंट रनवे का उद्देश्य केवल मंचीय प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान और पारिवारिक मूल्यों को विकसित करना है। उन्होंने अधिक से अधिक अभिभावकों से अपने बच्चों का पंजीयन कराने तथा कार्यक्रम में शामिल होकर इस सांस्कृतिक उत्सव का हिस्सा बनने की अपील की।
आयोजन समिति के अनुसार कार्यक्रम में प्रतिभा, संस्कृति और सम्मान का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। जहां एक ओर बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियां दर्शकों का दिल जीतेंगी, वहीं दूसरी ओर “मातृ-पितृ वंदन सम्मान” भारतीय परिवार व्यवस्था, बुजुर्गों के सम्मान और संस्कारों की अमूल्य परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रेरणादायी संदेश देगा। यह आयोजन बिलासपुर में कला, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों का एक यादगार उत्सव बनने की ओर अग्रसर है।


