तेल चोरी के खेल पर कब चलेगा असली शिकंजा? छोटे गुर्गे जेल में, मगर ‘मास्टरमाइंड’ अब भी बेखौफ!



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//*कोरबा। दर्री क्षेत्र में ऑयल डिपो के बाहर हुई मारपीट की घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। लेकिन इस कार्रवाई के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या केवल मारपीट करने वालों की गिरफ्तारी से पूरे मामले का सच सामने आ जाएगा, या फिर यह कार्रवाई केवल ऊपरी परत तक ही सीमित रह जाएगी?
स्थानीय लोगों और क्षेत्र में चल रही चर्चाओं के बीच कई गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। यदि लंबे समय से ऑयल चोरी और अवैध गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं, तो आखिर उस पूरे नेटवर्क की गहन जांच क्यों नहीं की जा रही? मारपीट करने वाले लोगों पर कार्रवाई हुई, लेकिन क्या इस पूरे घटनाक्रम के पीछे किसी संगठित गिरोह या बड़े नेटवर्क की भूमिका है? यदि है, तो उसकी जांच किस स्तर तक पहुंचेगी?
यह भी सवाल उठ रहा है कि जब डिपो के बाहर पिछले दो-तीन दिनों से लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई थी, तब वहां पुलिस की नियमित पेट्रोलिंग और अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं बढ़ाई गई? यदि समय रहते एहतियाती कदम उठाए जाते, तो क्या इस घटना को टाला नहीं जा सकता था?
पेट्रोल पंप संचालकों और कर्मचारियों की सुरक्षा भी अब बड़ा मुद्दा बन चुकी है। आखिर ऐसी परिस्थितियां क्यों बन रही हैं कि कर्मचारियों को भय और असुरक्षा के माहौल में काम करना पड़े? प्रशासन और पुलिस की जिम्मेदारी केवल घटना के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकना भी है।
क्षेत्र में यह मांग तेज हो रही है कि यदि वास्तव में तेल चोरी या अवैध कारोबार का कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है, तो उसकी निष्पक्ष और गहराई से जांच होनी चाहिए। यदि किसी भी स्तर पर किसी व्यक्ति की संलिप्तता या संरक्षण सामने आता है, तो उसके विरुद्ध भी कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। इससे ही जनता का विश्वास मजबूत होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी।
लोगों का कहना है कि यदि इन गंभीर सवालों के जवाब नहीं खोजे गए और केवल निचले स्तर पर कार्रवाई कर मामला समाप्त मान लिया गया, तो भविष्य में यह विवाद और गंभीर रूप ले सकता है। इसलिए आवश्यक है कि पुलिस और जिला प्रशासन पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष, व्यापक और पारदर्शी जांच कर वास्तविक तथ्यों को जनता के सामने लाए तथा दोषी चाहे किसी भी स्तर का हो, उसके विरुद्ध समान रूप से कार्रवाई सुनिश्चित करे।


