⚡ओवरलोड ने ठप की गांवों की रफ्तार: ढेलवाडीह सब स्टेशन का ट्रांसफार्मर लीक, दो दिनों से अंधेरे में दर्जनों गांव; पानी, पढ़ाई और खेती पर गहराया संकट⚡



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। शहरों के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था भी गंभीर संकट से जूझ रही है। ग्राम जवाली क्षेत्र के अंतर्गत स्थित ढेलवाडीह विद्युत सब स्टेशन में स्थापित ट्रांसफार्मर ओवरलोड के कारण तेल रिसाव (लीकेज) होने से पिछले दो दिनों से विद्युत आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित है। लगातार बिजली गुल रहने से ग्राम जवाली सहित आसपास की अनेक पंचायतों के हजारों ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पेयजल संकट से लेकर खेती, व्यवसाय, विद्यार्थियों की पढ़ाई और मोबाइल संचार तक हर व्यवस्था प्रभावित हो गई है।
बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण सबसे अधिक परेशानी पेयजल व्यवस्था को लेकर सामने आई। पटेल कॉम्प्लेक्स में कुछ जागरूक नागरिकों ने जनरेटर और डीजे की सहायता से लगभग दो घंटे तक पानी उपलब्ध कराया। पानी लेने के लिए उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ ने हालात की गंभीरता को साफ बयां कर दिया। इसी तरह के दृश्य गांव के कई मोहल्लों और बस्तियों में देखने को मिले।
नदियापार, मुराई कछार सहित आसपास के क्षेत्रों में दर्जनों परिवार पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली नहीं होने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। घरों में पेयजल की कमी, बच्चों की पढ़ाई में बाधा, कृषि कार्यों में रुकावट और छोटे व्यापारियों के कामकाज पर सीधा असर पड़ा है।

ग्रामीणों ने बताया कि बिजली नहीं होने से ऑनलाइन खाद, धान और बीज बिक्री का कार्य भी पिछले दो दिनों से ठप पड़ा है, जिससे किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं मोबाइल फोन बंद होने से संचार व्यवस्था भी प्रभावित हो गई है और लोग अपने जरूरी कार्य नहीं कर पा रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर में तेल रिसाव और तकनीकी खराबी की समस्या नई नहीं है। लंबे समय से इसकी शिकायत की जाती रही है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने के कारण बार-बार ऐसी स्थिति बन रही है। इससे विद्युत विभाग के प्रति लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि ट्रांसफार्मर की तत्काल मरम्मत अथवा आवश्यकता पड़ने पर उसका प्रतिस्थापन कर नियमित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के बाद जनहित में व्यापक आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी।
इस संबंध में विभागीय सूत्रों से जानकारी मिली है कि ट्रांसफार्मर में बड़ा तकनीकी फॉल्ट आने के कारण मरम्मत कार्य में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। विभाग ने दावा किया है कि शाम लगभग 6 बजे तक मरम्मत कार्य पूरा कर बिजली आपूर्ति सुचारू करने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल ग्रामीणों की नजरें विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। लोगों का कहना है कि अस्थायी मरम्मत के बजाय स्थायी समाधान ही भविष्य में इस तरह की गंभीर समस्या से राहत दिला सकता है।


