बालको की स्वास्थ्य क्रांति: 1.2 लाख लोगों तक पहुंची चिकित्सा सेवाएं, गांव-गांव में स्वास्थ्य का नया भरोसा



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* बालकोनगर, 20 जून 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) की पहल एक मिसाल बनकर उभर रही है। मोबाइल हेल्थ वैन (एमएचवी) और प्रोजेक्ट आरोग्य के माध्यम से बालको ने वित्तीय वर्ष 2026 में लगभग 1.2 लाख लोगों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाकर ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती दी है।
दूरस्थ गांवों में जहां कभी इलाज के लिए लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, वहीं अब डॉक्टरों की सलाह, जांच और उपचार गांव के द्वार तक पहुंच रहे हैं। इसका सबसे बड़ा लाभ बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को मिल रहा है।
पाढ़ीमार गांव की 60 वर्षीय फूलमणि एक्का वर्षों से गठिया के दर्द से परेशान थीं। स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना उनके लिए कठिन था, लेकिन मोबाइल हेल्थ वैन की नियमित सेवाओं ने उनकी जिंदगी में राहत ला दी। अब उन्हें गांव में ही चिकित्सकीय परामर्श, उपचार और फिजियोथेरेपी की सुविधा मिल रही है।

फूलमणि कहती हैं, “पहले इलाज के लिए बाहर जाना संभव नहीं था। अब डॉक्टर हमारे गांव आते हैं और नियमित उपचार मिल रहा है, जिससे स्वास्थ्य में काफी सुधार हुआ है।”
कोरबा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी ने बालको की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में उद्योगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट आरोग्य और मोबाइल हेल्थ वैन के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही हैं, जिससे चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है।
बालको की मोबाइल हेल्थ वैन आसपास के 70 गांवों और समुदायों में प्रत्येक पखवाड़े नियमित रूप से पहुंचती है। इसमें फिजियोथेरेपी और अत्याधुनिक प्रयोगशाला जांच सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। वैन में 40 से अधिक प्रकार की जांच मौके पर ही की जाती हैं, जिससे रोगों की समय पर पहचान और उपचार संभव हो पाता है। वित्तीय वर्ष 2026 में इस सेवा से 27 हजार से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं।
वहीं, प्रोजेक्ट आरोग्य के तहत स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता अभियान और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं संचालित की जा रही हैं। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, कुपोषण, एनीमिया, टीबी, एचआईवी और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
बालकोनगर के समीप रहने वाली नेहा कंवर बताती हैं कि प्रोजेक्ट आरोग्य की मदद से उनकी ढाई वर्षीय बेटी काव्या का स्वास्थ्य बेहतर हुआ। पोषण संबंधी मार्गदर्शन के बाद केवल दो महीनों में काव्या का वजन 1.5 किलो बढ़ गया और वह सामान्य श्रेणी में आ गई। नेहा अब अपने गांव की अन्य माताओं को भी बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक कर रही हैं।
वित्तीय वर्ष 2026 में प्रोजेक्ट आरोग्य से 93 हजार से अधिक लोगों को लाभ मिला है। स्वास्थ्य जागरूकता, निवारक चिकित्सा और विशेषज्ञ सेवाओं को समुदाय तक पहुंचाकर यह परियोजना ग्रामीण जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
मोबाइल हेल्थ वैन और प्रोजेक्ट आरोग्य के माध्यम से बालको न केवल इलाज की सुविधा उपलब्ध करा रहा है, बल्कि एक स्वस्थ, सशक्त और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के द्वार तक पहुंचाने की यह पहल ग्रामीण विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण बन गई है।


