August 13, 2026

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भारतीय उद्योग जगत में वेदांता का मेगा धमाका: एक साथ चार कंपनियां हुईं सूचीबद्ध, निवेशकों के लिए खुला नए अवसरों का द्वार

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बीएसई और एनएसई पर ऐतिहासिक लिस्टिंग के साथ वेदांता समूह ने रचा नया कीर्तिमान, एल्युमिनियम से ऊर्जा तक चार क्षेत्रों में अलग पहचान बनाएंगी नई कंपनियां
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* मुंबई,17 जून 2026 भारतीय कॉर्पोरेट जगत में बुधवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जब वेदांता समूह ने अपने कारोबारी विस्तार और भविष्य की रणनीति को नई दिशा देते हुए एक साथ चार स्वतंत्र कंपनियों को देश के प्रमुख शेयर बाजारों बीएसई और एनएसई में सूचीबद्ध कर दिया। यह उपलब्धि न केवल वेदांता समूह के लिए बल्कि भारतीय उद्योग जगत के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता आयरन एंड स्टील तथा वेदांता पावर अब स्वतंत्र सूचीबद्ध कंपनियों के रूप में कारोबार करेंगी। इस कदम के साथ समूह ने अपने व्यवसायों को अलग-अलग क्षेत्रों में अधिक फोकस, तेज विकास और निवेशकों के लिए बेहतर मूल्य सृजन की दिशा में आगे बढ़ाया है।

 

“भारत का समय आ चुका है” – अनिल अग्रवाल
लिस्टिंग समारोह में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने इसे अपने जीवन और कंपनी की यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि 24 वर्ष पहले वेदांता ने लंदन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होकर इतिहास रचा था और आज भारत में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, ऊर्जा परिवर्तन और हाई-टेक उद्योगों के विस्तार से खनिज, धातु और ऊर्जा संसाधनों की मांग कई गुना बढ़ेगी। ऐसे समय में वेदांता की नई कंपनियां भारत को आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक औद्योगिक शक्ति के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएंगी।
एल्युमिनियम सेक्टर में वैश्विक नेतृत्व की तैयारी
वेदांता एल्युमिनियम अब स्वतंत्र कंपनी के रूप में दुनिया के सबसे बड़े एल्युमिनियम उत्पादकों में अपनी पहचान और मजबूत करेगी। वर्तमान में कंपनी भारत की सबसे बड़ी और चीन के बाहर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक है।
कंपनी अगले तीन वर्षों में अपनी उत्पादन क्षमता को दोगुना कर 60 लाख टन प्रतिवर्ष तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है। इसके साथ ही हजारों डाउनस्ट्रीम उद्योगों और विनिर्माण इकाइयों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा सुरक्षा की नई ताकत बनेगी वेदांता ऑयल एंड गैस
देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की तेल एवं गैस उत्पादक कंपनी के रूप में वेदांता ऑयल एंड गैस अब स्वतंत्र पहचान के साथ आगे बढ़ेगी। कंपनी अगले तीन से पांच वर्षों में लगभग 5 अरब डॉलर का निवेश कर उत्पादन क्षमता को 5 लाख बैरल प्रतिदिन तक बढ़ाने की तैयारी में है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विस्तार भारत की आयात निर्भरता कम करने और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
स्टील और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार
वेदांता आयरन एंड स्टील देश के तेजी से बढ़ते अवसंरचना और निर्माण क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लक्ष्य के साथ बाजार में उतरी है। वर्तमान में 40 लाख टन वार्षिक क्षमता वाली कंपनी ने इसे बढ़ाकर 1.5 करोड़ टन प्रतिवर्ष तक ले जाने का रोडमैप तैयार किया है।
ग्रीन स्टील, इलेक्ट्रिकल स्टील और स्पेशियलिटी स्टील जैसे भविष्य के क्षेत्रों पर कंपनी का विशेष फोकस रहेगा, जिससे भारत के औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की संभावना है।
बिजली उत्पादन में बड़ा विस्तार करेगी वेदांता पावर
भारत में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए वेदांता पावर भी बड़े विस्तार की तैयारी कर रही है। वर्तमान में 4.2 गीगावाट क्षमता वाली कंपनी आने वाले वर्षों में इसे बढ़ाकर 20 गीगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।
कंपनी थर्मल पावर के साथ-साथ न्यूक्लियर एनर्जी जैसे भविष्य के ऊर्जा विकल्पों पर भी विचार कर रही है, जिससे देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को दीर्घकालिक आधार पर पूरा किया जा सके।
वेदांता लिमिटेड बनी रहेगी समूह की मुख्य ताकत
चार नई कंपनियों के सूचीबद्ध होने के बाद भी वेदांता लिमिटेड समूह की प्रमुख कंपनी बनी रहेगी। हिंदुस्तान जिंक, सिल्वर, कॉपर, निकेल और अन्य महत्वपूर्ण खनिज कारोबार इसके प्रमुख आधार होंगे।

 

कंपनी भारत की क्रिटिकल मिनरल्स रणनीति, ऊर्जा परिवर्तन और उन्नत विनिर्माण क्षेत्र में अपनी भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
निवेशकों और भारतीय उद्योग जगत के लिए नई शुरुआत
विशेषज्ञों का मानना है कि एक साथ चार कंपनियों की स्वतंत्र लिस्टिंग भारतीय शेयर बाजार के इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है। इससे निवेशकों को क्षेत्र विशेष में निवेश के नए अवसर मिलेंगे, वहीं कंपनियों को स्वतंत्र रणनीति के साथ तेजी से विस्तार करने का मार्ग प्रशस्त होगा।
वेदांता समूह का यह कदम केवल कॉर्पोरेट पुनर्गठन नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक विनिर्माण, ऊर्जा और संसाधन शक्ति बनाने की दिशा में एक बड़े औद्योगिक अभियान की शुरुआत माना जा रहा है।

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