दिनदहाड़े भाजपा नेता पर खूनी हमला, दोनों पैर तोड़े; कोरबा में उबाल, मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा— “दोषी चाहे कितने भी प्रभावशाली हों, बख्शे नहीं जाएंगे”



पूर्व मंडल अध्यक्ष शिव बालक सिंह तोमर पर हमले से मचा राजनीतिक भूचाल, अस्पताल में जुटे भाजपा नेता और कार्यकर्ता; त्वरित गिरफ्तारी की मांग तेज
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा शहर में दिनदहाड़े हुई एक सनसनीखेज घटना ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं बालको नगर मंडल के पूर्व अध्यक्ष शिव बालक सिंह तोमर पर हुए कथित जानलेवा हमले के बाद पूरे जिले में चर्चा का माहौल है। हमले में गंभीर रूप से घायल हुए तोमर को तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुरानी रंजिश को लेकर कुछ लोगों द्वारा उन पर हमला किए जाने का आरोप लगाया गया है। हमले में उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। घटना सामने आने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जबरदस्त नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि खुलेआम हुई इस प्रकार की हिंसक वारदात कानून व्यवस्था को सीधी चुनौती है और दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
अस्पताल पहुंचे मंत्री, प्रशासन को दिया सख्त संदेश
घटना की सूचना मिलते ही प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल शिव बालक सिंह तोमर का हालचाल जाना और चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली। उनके साथ भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी, महापौर संजू देवी राजपूत, पूर्व महापौर जोगेश लांबा, जिला महामंत्री अजय विश्वकर्मा, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, योगेश जैन, पार्षद नरेंद्र देवांगन, एमआईसी सदस्य हितानंद अग्रवाल, लक्ष्मण श्रीवास, मंडल अध्यक्ष डिलेन्द्र यादव, राजेश राठौर सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अस्पताल में मौजूद पुलिस अधिकारियों से चर्चा करते हुए मंत्री लखनलाल देवांगन ने स्पष्ट कहा कि इस पूरे मामले की सूक्ष्म और त्वरित जांच की जाए तथा आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को संरक्षण नहीं मिलेगा और दोषियों तक पुलिस को हर हाल में पहुंचना होगा।

भाजपा कार्यकर्ताओं में उबाल, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों पर इस प्रकार के हमले होते हैं तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
पूरे जिले की निगाहें पुलिस कार्रवाई पर
इस घटना ने कोरबा जिले में कानून व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। शहर में जगह-जगह लोग इस मामले को लेकर चर्चा कर रहे हैं और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं। राजनीतिक गलियारों में भी यह घटना प्रमुख विषय बनी हुई है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और विभिन्न पहलुओं से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि होगी और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
न्याय की मांग और सख्त कार्रवाई की अपेक्षा
भाजपा नेताओं ने स्पष्ट किया है कि पीड़ित पक्ष को न्याय मिलना चाहिए और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ उदाहरण प्रस्तुत करने वाली कार्रवाई होनी चाहिए। घटना के बाद पूरे जिले में एक ही सवाल गूंज रहा है— आखिर दिनदहाड़े हुई इस वारदात के जिम्मेदार लोगों तक पुलिस कब पहुंचेगी और कानून का शिकंजा कब कस जाएगा?
अब जिले की जनता, राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।


