25 वर्षों से खंडहर बने मकान बने खतरे का पर्याय, सांप-बिच्छुओं और असामाजिक तत्वों का अड्डा



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। महाराणा प्रताप नगर स्थित एलआईजी-141 के सामने स्थित दो परित्यक्त मकान पिछले लगभग 25 वर्षों से खंडहर की स्थिति में पड़े हुए हैं। स्थानीय निवासियों के अनुसार इन मकानों के मालिकों का वर्षों से कोई अता-पता नहीं है, जिसके कारण यह भवन अब मोहल्ले के लिए गंभीर परेशानी और खतरे का कारण बन चुके हैं।
क्षतिग्रस्त और झाड़ियों से घिरे इन खंडहरनुमा मकानों में सांप, बिच्छू एवं अन्य जहरीले जीवों का बसेरा बन गया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि आए दिन यहां से सांप निकलकर आसपास के घरों में घुस जाते हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि सुनसान पड़े इन मकानों में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है। कई बार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से रहवासियों में नाराजगी है।

मोहल्लेवासियों ने नगर निगम और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि इन जर्जर भवनों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए तथा परिसर की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो यह खंडहर किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।


