भारत माँ की रसोई: सेवा, समर्पण और मानवता का अनूठा अभियान



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म” के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए भारत माँ की रसोई पिछले कई वर्षों से जरूरतमंदों और असहाय लोगों के लिए आशा की किरण बनी हुई है। 15 अगस्त 2016 से प्रारंभ इस सेवा अभियान के माध्यम से प्रतिदिन 500 से अधिक जरूरतमंदों को स्नेह और सम्मान के साथ भोजन परोसा जा रहा है।
संस्था का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सम्मान और अपनत्व का भाव पहुंचाना है। महज 25 रुपये के सहयोग से कोई भी व्यक्ति इस पुण्य कार्य में सहभागी बन सकता है और किसी भूखे व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है।
भारत माँ की रसोई द्वारा स्वच्छ, पौष्टिक और सात्विक भोजन निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। संस्था का मानना है कि एक छोटी-सी मदद किसी जरूरतमंद के लिए भोजन ही नहीं, बल्कि नई उम्मीद और सहारा भी बन सकती है।
छत्तीसगढ़ हेल्प वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में संचालित यह अभियान समाजसेवा का प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है। संस्था ने आमजन से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस सेवा यज्ञ से जुड़ें और मानवता की इस मुहिम को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।
संपर्क: 9827952504
“एक थाली आपका सहयोग, किसी जरूरतमंद का सहारा – आइए, सेवा के इस पुण्य अभियान से जुड़कर मानवता की मिसाल बनें।”


