June 12, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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रंगों में निखरी प्रतिभा, संस्कृति से जुड़ा बचपन: संस्कार भारती की 10 दिवसीय चित्रकला कार्यशाला का भव्य समापन

 

 

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कटघोरा। संस्कार भारती जिला इकाई कोरबा की संयोजन समिति कटघोरा द्वारा स्वामी आत्मानंद विद्यालय में आयोजित 10 दिवसीय ग्रीष्मकालीन चित्रकला कार्यशाला का समापन समारोह उत्साह, उल्लास और रचनात्मकता के अद्भुत वातावरण में संपन्न हुआ। 1 जून से 10 जून तक चले इस प्रशिक्षण शिविर ने बच्चों की प्रतिभा को नया आयाम देने के साथ-साथ भारतीय कला, संस्कृति और सृजनात्मक चिंतन से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि अग्रसेन कन्या महाविद्यालय कोरबा के अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कार भारती जिला इकाई कोरबा के अध्यक्ष कामेश्वर धर दीवान ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में जुड़ावन सिंह ठाकुर, अशोक तिवारी, डॉ. गोपालबन गोस्वामी, संस्कार भारती के प्रांतीय महामंत्री हेमंत माहुलिकर, स्वामी आत्मानंद विद्यालय के प्राचार्य एम.एस. कंवर तथा आयोजन समिति की अध्यक्ष हेमलता सिदार उपस्थित रहीं।
समारोह के दौरान बच्चों द्वारा तैयार की गई आकर्षक चित्रकला प्रदर्शनी ने सभी अतिथियों और अभिभावकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। प्रदर्शनी में बच्चों की कल्पनाशीलता, रंग संयोजन और कलात्मक अभिव्यक्ति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, मां भारती एवं नटराज प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण से हुआ। इसके पश्चात श्रीमती रामकुमारी देवांगन के नेतृत्व में संस्कार भारती का ध्येय गीत प्रस्तुत किया गया।

 

आयोजन समिति की अध्यक्ष हेमलता सिदार ने स्वागत उद्बोधन देते हुए दस दिवसीय कार्यशाला की गतिविधियों एवं उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में बच्चों को स्केचिंग, पेंटिंग, पेंसिल आर्ट, रंगों का संतुलित उपयोग तथा भारतीय पारंपरिक कला के विभिन्न आयामों से परिचित कराया गया। बच्चों को यह भी सिखाया गया कि कला केवल चित्र बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को देखने का एक सकारात्मक और सृजनात्मक दृष्टिकोण प्रदान करती है।
मुख्य अतिथि गोपाल अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मोबाइल और डिजिटल दुनिया के बढ़ते प्रभाव के बीच ऐसी कार्यशालाएं बच्चों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक सोच और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने संस्कार भारती के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि कला जीवनभर साथ रहती है और जो सीखता है वही आगे बढ़ता है।
संस्कार भारती के प्रांतीय महामंत्री हेमंत माहुलिकर ने भारतीय कला परंपरा के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित किया। वहीं कार्यशाला के प्रशिक्षक एवं राष्ट्रीय स्तर के कलाकार संदीप सारथी ने बच्चों की लगन और सीखने की उत्सुकता की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतने कम समय में प्रतिभागियों ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
डॉ. गोपालबन गोस्वामी ने बच्चों को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि ऐसे शिविर निरंतर आयोजित होते रहने चाहिए। संस्कार भारती के जिला अध्यक्ष कामेश्वर धर दीवान ने कहा कि यह कार्यशाला प्रतिभागियों के लिए नई तकनीकों और कलात्मक शैलियों को सीखने का महत्वपूर्ण मंच बनी है, जो उनके भविष्य के लिए प्रेरणादायक सिद्ध होगी।
विद्यालय के प्राचार्य एम.एस. कंवर ने कहा कि इस कार्यशाला ने विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ-साथ उनकी भावनात्मक अभिव्यक्ति को भी सशक्त बनाया है। उन्होंने संस्कार भारती के इस प्रयास को शिक्षा के सहगामी विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
प्रांतीय कोषाध्यक्ष जागेश्वर सिंह मानसर के मार्गदर्शन तथा कन्हैया यादव के दिशा-निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। बाल वर्ग में आर्या ने प्रथम, जाह्नवी ने द्वितीय एवं खुशाल गोपाल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। किशोर वर्ग में तनिष्का सिंह प्रथम, मनीर पटेल द्वितीय तथा माल्या गोपाल तृतीय स्थान पर रहे। विजेता प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

 

कार्यशाला की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि कुल 70 बच्चों के पंजीयन में से बड़ी संख्या में बच्चों ने मात्र दस दिनों में चेहरे की स्केचिंग और पोर्ट्रेट आर्ट की बारीकियां सीख लीं। कई प्रतिभागियों ने एक से दो घंटे के भीतर किसी व्यक्ति का हूबहू चित्र बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विशेष रूप से सिद्धार्थ जायसवाल ने प्रशिक्षक संदीप सारथी, थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी एवं कार्यकर्ता शिवशंकर जायसवाल के सजीव चित्र बनाकर सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।
कार्यक्रम संयोजक शिवशंकर जायसवाल एवं उनकी टीम द्वारा सभी मंचासीन अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए तथा प्रशिक्षक संदीप सारथी को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का संचालन भवानी सर ने किया। अंत में आयोजकों ने उपस्थित अतिथियों, विद्यालय प्रबंधन, अभिभावकों, दानदाताओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में पी.एन. योगी, राज यादव, प्रतिमा केंवट, आशीष शर्मा, उमेश्वरी, विजया राजपूत, संतोष साहू, रामायण जायसवाल, देवेंद्र दीक्षित, श्रीकांत साहू सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं अभिभावक उपस्थित रहे। कल्याण मंत्र के साथ दस दिवसीय चित्रकला कार्यशाला का विधिवत समापन हुआ।
— रंगों, रचनात्मकता और भारतीय संस्कृति के संगम ने बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को नई उड़ान दी।

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