June 2, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

दीपक बैज पर केदार कश्यप का पलटवार: “आदिवासियों को वोट बैंक समझने वाली कांग्रेस अब फैला रही भ्रम”

 

PESA और वनाधिकार कानून पर कांग्रेस को घेरा, वन मंत्री बोले— दशकों तक आदिवासी क्षेत्रों की उपेक्षा करने वालों को जवाब देना चाहिए
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//  रायपुर। छत्तीसगढ़ में PESA कानून और वनाधिकार से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर आदिवासी समाज को भ्रमित करने और अपनी विफलताओं को छिपाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी हितों की बात करने वाली कांग्रेस को पहले यह बताना चाहिए कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद आदिवासी क्षेत्रों के विकास और अधिकारों के प्रभावी क्रियान्वयन में वह क्यों असफल रही।
वन मंत्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस का पूरा राजनीतिक इतिहास आदिवासी समाज को केवल वोट बैंक के रूप में देखने का रहा है। चुनावी मंचों पर आदिवासी हितों की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए न तो आदिवासी अधिकारों को मजबूत किया और न ही उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गंभीर प्रयास किए। उन्होंने आरोप लगाया कि आज जब भाजपा सरकार ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने, वनाधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आदिवासी समाज की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य कर रही है, तब कांग्रेस राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाने में जुटी हुई है।
“कांग्रेस बताए, आदिवासी क्षेत्रों तक अधिकार क्यों नहीं पहुंचे?”
केदार कश्यप ने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि यदि PESA और वनाधिकार कानून को लेकर कांग्रेस इतनी संवेदनशील थी, तो लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद इन कानूनों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक क्यों नहीं पहुंच पाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचलों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं की कमी किस शासनकाल की देन है, यह प्रदेश की जनता अच्छी तरह जानती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज जिन मुद्दों को लेकर सवाल उठा रही है, उन्हीं विषयों पर उसके शासनकाल में सबसे अधिक लापरवाही और उदासीनता देखने को मिली थी। अब जब आदिवासी समाज अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो रहा है और योजनाओं का लाभ सीधे गांवों तक पहुंच रहा है, तब कांग्रेस को अपना राजनीतिक आधार खिसकता नजर आ रहा है।
“जनाधार खिसकने से परेशान है कांग्रेस”
वन मंत्री ने कहा कि कांग्रेस का वास्तविक उद्देश्य आदिवासी हितों की रक्षा नहीं, बल्कि अपने घटते राजनीतिक प्रभाव को बचाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी समाज के बीच भाजपा और केंद्र सरकार की योजनाओं को मिल रहे समर्थन से कांग्रेस असहज हो गई है और इसी कारण निराधार आरोपों के जरिए भ्रम का वातावरण बनाने का प्रयास कर रही है।
कश्यप ने कहा कि आज आदिवासी समाज पहले से अधिक जागरूक, संगठित और अपने अधिकारों के प्रति सजग है। ग्राम सभाओं को मजबूत बनाने, वनाधिकार पट्टों के वितरण, आजीविका संवर्धन और सामाजिक विकास की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है, जिसे कांग्रेस पचा नहीं पा रही है।
मोदी सरकार की नीतियों का किया उल्लेख
वन मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी गौरव, संस्कृति, परंपरा और अधिकारों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और प्राथमिकता मिली है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वनवासी क्षेत्रों में विकास के नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के उत्थान के लिए सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट है और इसके परिणाम भी जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहे हैं।
“तथ्यहीन बयानबाजी से जनता गुमराह नहीं होगी”
केदार कश्यप ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि तथ्यहीन बयानबाजी और राजनीतिक आरोपों के सहारे आदिवासी समाज को गुमराह करने की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता और आदिवासी समाज कांग्रेस के पुराने रिकॉर्ड और वर्तमान राजनीति दोनों को अच्छी तरह समझता है। इसलिए कांग्रेस को आरोप लगाने के बजाय अपने कार्यकाल का हिसाब देना चाहिए।
वन मंत्री ने स्पष्ट कहा कि आदिवासी अधिकारों और विकास के मुद्दे पर भाजपा सरकार पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है, जबकि कांग्रेस केवल राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश का आदिवासी समाज विकास, अधिकार और सम्मान की राजनीति को पहचान चुका है और भ्रम फैलाने की राजनीति को स्वीकार नहीं करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.