August 14, 2026

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“कांग्रेस का ‘ढाई-ढाई साल’ फॉर्मूला नहीं, सत्ता और सौदेबाजी का खेल” : भाजपा का तीखा हमला

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उज्जवल दीपक बोले — “दिल्ली दरबार को खुश रखने की राजनीति में कुर्सियां तय होती हैं, जनता का हित नहीं”
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। कर्नाटक में कांग्रेस के कथित ‘ढाई-ढाई साल’ सत्ता फार्मूले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस नेतृत्व पर जोरदार हमला बोला है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्जवल दीपक ने कांग्रेस पर सत्ता के लिए सौदेबाजी, अंदरूनी खींचतान और कथित आर्थिक लेन-देन की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद जनता की सेवा से नहीं बल्कि “दिल्ली दरबार” को खुश रखने की क्षमता से तय होता है।
भाजपा प्रवक्ता ने तीखे शब्दों में कहा कि कर्नाटक में सामने आया सत्ता बंटवारे का फार्मूला लोकतंत्र का नहीं बल्कि कांग्रेस की अंदरूनी “डील राजनीति” का नया चेहरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में नेतृत्व का चयन जनभावना या कार्यकर्ताओं की मेहनत से नहीं बल्कि “कौन कितना प्रभाव और संसाधन पहुंचा सकता है” इस आधार पर तय किया जाता है।
“कर्नाटक मॉडल में सुशासन नहीं, कुर्सी बचाने का खेल”
उज्जवल दीपक ने कांग्रेस नेतृत्व पर हमला बोलते हुए कहा कि कर्नाटक में जो राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है, उसने कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई को पूरी तरह उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि सत्ता का यह मॉडल जनता के हित के लिए नहीं बल्कि नेताओं के बीच कुर्सी बांटने की रणनीति बनकर सामने आया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस में भ्रष्टाचार और गुटबाजी इतनी गहरी हो चुकी है कि अब मुख्यमंत्री पद भी “समझौता फार्मूले” के तहत तय किया जा रहा है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इससे साफ संकेत मिलता है कि कांग्रेस के भीतर स्थिर नेतृत्व और स्पष्ट नीति का गंभीर संकट है।
“छत्तीसगढ़ में कुर्सी बचाने के लिए चला था अलग खेल”
भाजपा प्रवक्ता ने छत्तीसगढ़ की पूर्व कांग्रेस सरकार का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां भी ‘ढाई-ढाई साल’ का फार्मूला चर्चा में था, लेकिन सत्ता संतुलन और कथित राजनीतिक प्रबंधन के कारण वह लागू नहीं हो पाया। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सत्ता में कुर्सी बचाने के लिए दिल्ली नेतृत्व को खुश रखने की राजनीति की गई।
उज्जवल दीपक ने कटाक्ष करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सत्ता संघर्ष के दौरान कई नेता पूरे कार्यकाल तक अपने अधिकार की प्रतीक्षा करते रह गए, लेकिन अंत में उन्हें केवल प्रतीकात्मक जिम्मेदारी देकर शांत करने का प्रयास किया गया।
“जहां अधिकार मांगना था, वहां चुप्पी साधी गई”
भाजपा प्रवक्ता ने पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब उन्हें अपने राजनीतिक अधिकार के लिए मजबूती से खड़ा होना चाहिए था, तब उन्होंने चुप्पी साधे रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व के सामने अपनी बात रखने का साहस नहीं दिखाने वाले नेता अब अनावश्यक मुद्दों पर बयानबाजी कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस में नेतृत्व के सामने सवाल उठाने वालों की स्थिति कमजोर कर दी जाती है और फैसले केवल शीर्ष नेतृत्व की इच्छा के अनुसार लिए जाते हैं।
“कांग्रेस में लोकतंत्र नहीं, दरबारी संस्कृति हावी”
उज्जवल दीपक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी अब पूरी तरह “दरबारी संस्कृति” का शिकार हो चुकी है, जहां जमीनी कार्यकर्ताओं की कोई अहमियत नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि सत्ता की राजनीति में जनता का मुद्दा पीछे छूट चुका है और पूरा ध्यान केवल कुर्सी बचाने और सत्ता के समीकरण साधने पर केंद्रित है।
भाजपा ने दावा किया कि देश और प्रदेश की जनता अब कांग्रेस की इन अंदरूनी राजनीति और कथित सत्ता सौदों को समझ चुकी है और इसी कारण जनता लगातार भाजपा के नेतृत्व पर भरोसा जता रही है।
मुख्य बिंदु एक नजर में
🔴 भाजपा ने कांग्रेस के ‘ढाई-ढाई साल’ फार्मूले पर साधा निशाना
🔴 सत्ता बंटवारे को बताया “सौदेबाजी मॉडल”
🔴 कांग्रेस नेतृत्व पर “दिल्ली दरबार राजनीति” का आरोप
🔴 छत्तीसगढ़ की पूर्व कांग्रेस सरकार को लेकर भी उठाए सवाल
🔴 टी.एस. सिंहदेव की राजनीतिक भूमिका पर तीखा कटाक्ष
🔴 कांग्रेस में गुटबाजी और अंदरूनी संघर्ष का आरोप
🔴 भाजपा ने कहा — जनता अब कांग्रेस की राजनीति समझ चुकी है
राजनीतिक बयानबाजी के इस तेज दौर में भाजपा ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को बड़ा मुद्दा बनाते हुए सीधे नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं। आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और अधिक गरमाने के संकेत दे रहा है।

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