August 14, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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कुसमुंडा खदान में बड़ा हादसा : 60 टन का डंपर पलटा, चालक ने कूदकर बचाई जान

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एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान में फिर उजागर हुई सुरक्षा व्यवस्था की पोल, कर्मचारियों में दहशत
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। एसईसीएल की मेगा परियोजना कुसमुंडा कोयला खदान में एक बार फिर बड़ा हादसा सामने आया है। 60 टन वजनी विशाल डंपर के अनियंत्रित होकर पलट जाने से खदान क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के दौरान चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए चलते वाहन से कूदकर किसी तरह अपनी जान बचाई, हालांकि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल चालक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार यह घटना एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र स्थित कुसमुंडा कोयला खदान में हुई। डंपर चालक रोज की तरह कोयला डंपिंग कार्य के लिए खदान क्षेत्र में गया हुआ था। इसी दौरान डंपिंग पॉइंट पर अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और देखते ही देखते 60 टन वजनी भारी-भरकम डंपर खदान की ढलान से नीचे फिसलते हुए पलट गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा बेहद भयावह था। विशाल डंपर के पलटते ही जोरदार आवाज गूंजी और आसपास मौजूद कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि डंपर ऊपर से स्लाइड होते हुए नीचे गिरा। खतरे को भांपते हुए चालक ने अंतिम क्षणों में वाहन से छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि गिरने से उसे गंभीर चोटें आई हैं।
घटना की सूचना मिलते ही खदान क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। एसईसीएल के अधिकारी, तकनीकी टीम और सुरक्षा विभाग के कर्मचारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। घंटों की मशक्कत और भारी क्रेन की मदद से पलटे डंपर को सीधा किया गया।
गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त वहां अन्य वाहन या मजदूर मौजूद नहीं थे, अन्यथा यह दुर्घटना कई जिंदगियां लील सकती थी। इस हादसे ने एक बार फिर एसईसीएल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कर्मचारियों और श्रमिक संगठनों का आरोप है कि खदान में सुरक्षा मानकों की लगातार अनदेखी की जा रही है। सेफ्टी वीक, जागरूकता रैली और बड़े-बड़े दावों के बावजूद जमीन पर हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि डंपिंग पॉइंट की मजबूती, खदान की ढलानों की स्थिति और भारी वाहनों की तकनीकी जांच में भारी लापरवाही बरती जा रही है।
श्रमिकों का यह भी आरोप है कि उत्पादन बढ़ाने के दबाव में वाहन चालकों से लगातार जोखिम भरे हालात में काम कराया जाता है। कई बार चालक मजबूरी में असुरक्षित परिस्थितियों में भी वाहन संचालन करते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों का पालन नहीं कराया गया, तो भविष्य में और भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
कर्मचारी संगठनों ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि खदान क्षेत्र में लगातार हो रहे हादसे यह साबित करते हैं कि मजदूरों की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गई है।
फिलहाल एसईसीएल प्रबंधन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं घायल चालक का अस्पताल में उपचार जारी है। उल्लेखनीय है कि कुसमुंडा खदान एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदानों में गिनी जाती है, लेकिन यहां लगातार सामने आ रहे हादसे सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उजागर कर रहे हैं।

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