August 14, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

राहुल गांधी की कथित दोहरी नागरिकता पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त

1 min read

 

FIR और जांच के आदेश से बढ़ी कांग्रेस की मुश्किलें, राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//  नई दिल्ली/लखनऊ। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi एक बार फिर गंभीर कानूनी विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। कथित दोहरी नागरिकता (Dual Citizenship) मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों के बाद देश की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस की राजनीतिक मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं।
मामला उस आरोप से जुड़ा है जिसमें दावा किया गया है कि राहुल गांधी ने ब्रिटेन में एक कंपनी से जुड़े दस्तावेजों में स्वयं को ब्रिटिश नागरिक बताया था। याचिकाकर्ता ने अदालत में कई दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया कि विदेशी रिकॉर्ड में राहुल गांधी की राष्ट्रीयता ब्रिटिश दर्ज की गई थी। इसी आधार पर उनकी भारतीय नागरिकता, चुनाव लड़ने की पात्रता और संसद सदस्यता पर सवाल खड़े किए गए हैं।
याचिका भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर की गई थी। पहले यह मामला विशेष MP-MLA कोर्ट में पहुंचा था, लेकिन वहां से FIR दर्ज करने की मांग खारिज कर दी गई थी। इसके बाद मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए जांच की आवश्यकता बताई।
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट संकेत दिए कि यदि किसी जनप्रतिनिधि की नागरिकता को लेकर संदेह उत्पन्न होता है, तो उसकी निष्पक्ष और कानूनी जांच जरूरी है। हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद अब उत्तर प्रदेश पुलिस अथवा किसी केंद्रीय एजेंसी द्वारा मामले की जांच का रास्ता खुल गया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो राहुल गांधी के लिए कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। भारतीय कानून के अनुसार देश में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है। यदि कोई भारतीय नागरिक किसी दूसरे देश की नागरिकता स्वीकार करता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त मानी जा सकती है।
मामले को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जो लोग संविधान और लोकतंत्र की बात करते हैं, उन्हें पहले देश के सामने अपनी नागरिकता की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं कांग्रेस खेमे में इस मामले को राजनीतिक साजिश और बदले की कार्रवाई बताया जा रहा है।
राहुल गांधी की ओर से अदालत में कहा गया कि उन्हें सुनवाई की पूर्व सूचना नहीं दी गई थी और वे आदेश का अध्ययन कर आगे की कानूनी कार्रवाई करेंगे। हालांकि विपक्षी दल इस पूरे मामले को केंद्र सरकार के दबाव की राजनीति बताने में जुटे हैं, लेकिन अदालत की सख्त टिप्पणियों ने विवाद को और अधिक गंभीर बना दिया है।
राजनीतिक गलियारों में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि यदि मामले की जांच गहराई से आगे बढ़ती है, तो इसका असर आने वाले चुनावों और कांग्रेस की रणनीति पर भी पड़ सकता है। फिलहाल पूरे देश की नजर अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की अगली सुनवाई और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.