जनता के बीच पहुँची नगर सरकार : दर्री जोन के सुशासन तिहार में महापौर संजू देवी राजपूत ने सुनीं समस्याएँ, मौके पर दिए समाधान के निर्देश



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। नगर निगम कोरबा क्षेत्र अंतर्गत दर्री जोन में आयोजित सुशासन तिहार 2026 के जनसमस्या निवारण शिविर में उस समय जनविश्वास और जनसेवा का अनूठा वातावरण देखने को मिला, जब महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत स्वयं आमजन के बीच पहुँचीं और लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याएँ और मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं, जिनके त्वरित निराकरण हेतु अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
महापौर श्रीमती राजपूत ने कहा कि प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप शासन की योजनाओं और सुविधाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि “संवाद से समाधान तक नगर सरकार आपके द्वार” की भावना के साथ आयोजित यह सुशासन तिहार जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित कर रहा है, जिससे लोगों को त्वरित राहत मिल रही है।

कार्यक्रम के दौरान महापौर ने क्षेत्रवासियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी मूलभूत समस्याओं, आवश्यकताओं और जनहित से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का मंच नहीं, बल्कि शासन की पारदर्शी कार्यप्रणाली और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बन चुका है। शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुँचाने के लिए प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य कर रहा है।
शिविर में नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, पार्षद नरेंद्र देवांगन, राधा महंत, सरोज शांडिल्य, विनम्र तिवारी, किशन केवट, फिरत राम साहू, सम्मत कुंवर, जनक सिंह राजपूत, मुकुंद सिंह कंवर, सुखविंदर कौर, प्रीति दिनेश शर्मा, कल्याणी यादव, अजय चंद्रा, मंडल अध्यक्ष मनोज लहरे, प्रियंका मिश्रा, तुलसी ठाकुर, नारायण ठाकुर सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इसके अलावा नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडे, विनय मिश्रा, जोन कमिश्नर लीला पटेल, निगम सचिव रामेश्वर सिंह कंवर सहित निगम प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी भी शिविर में मौजूद रहे और आमजन की समस्याओं के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाई।
सुशासन तिहार 2026 के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शासन और प्रशासन अब केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि सीधे जनता के द्वार तक पहुँचकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। दर्री जोन में आयोजित यह शिविर जनसेवा, संवेदनशील प्रशासन और विकासोन्मुखी सोच का प्रभावशाली उदाहरण बनकर उभरा।


