गुरु पुष्य नक्षत्र में बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण का अनूठा अभियान, कोरबा में हुआ स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार आयोजन



“चलो आयुर्वेद की ओर” मिशन के तहत बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने की पहल, आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम में उमड़ी अभिभावकों की आस्था
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//* कोरबा। भारतीय आयुर्वेद परंपरा को जन-जन तक पहुंचाने और बच्चों को स्वस्थ एवं रोगमुक्त बनाने के उद्देश्य से “चलो आयुर्वेद की ओर” मिशन के अंतर्गत गुरुवार को कोरबा शहर में विशेष आयुर्वेदिक इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट, पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में अति शुभ गुरु पुष्य नक्षत्र के अवसर पर बच्चों को स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार कराया गया।

निहारिका रोड स्थित महानदी कॉम्प्लेक्स के दुकान क्रमांक 10 एवं 11 में संचालित पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय में आयोजित इस विशेष शिविर में नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने बच्चों को स्वर्ण बिंदु प्राशन ड्रॉप्स पिलाकर आयुर्वेदिक पद्धति से टीकाकरण किया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंचे और आयुर्वेदिक स्वास्थ्य परंपरा के प्रति गहरी आस्था दिखाई।
इस अवसर पर नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयुर्वेद के 16 प्रमुख संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है, जो जन्म से लेकर 18 वर्ष तक की आयु के बच्चों को कराया जाता है। उन्होंने बताया कि यह संस्कार बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने, मौसमी बीमारियों से सुरक्षा प्रदान करने तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास को बेहतर बनाने में अत्यंत प्रभावशाली भूमिका निभाता है।
डॉ. शर्मा ने कहा कि स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार एक प्राकृतिक एवं प्रभावशाली इम्युनिटी बूस्टर है, जो बच्चों में रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित करता है। वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली और बढ़ती बीमारियों के बीच आयुर्वेदिक पद्धति बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण का मजबूत आधार बन सकती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों के नियमित स्वास्थ्य संवर्धन हेतु आयुर्वेदिक पद्धतियों को अपनाने की अपील भी की।
कार्यक्रम में श्री शिव औषधालय की संचालिका श्रीमती प्रतिभा शर्मा सहित नेत्रनंदन साहू, अश्वनी बुनकर, कमल धारिया, अरुण मानिकपुरी, देवबली कुंभकार, सिद्धराम शाहनी, राकेश इस्पात, पंचकर्म थेरेपिस्ट पिंकी बरेठ एवं सिमरन जायसवाल ने सक्रिय सहभागिता निभाई और आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पूरे आयोजन के दौरान आयुर्वेद के प्रति लोगों में विशेष उत्साह और जागरूकता देखने को मिली। अभिभावकों ने इस पहल को बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक सराहनीय प्रयास बताया।


