सुशासन तिहार बना ग्रामीणों की उम्मीदों का मंच, मोरगा शिविर में योजनाओं का लाभ पाकर खिले चेहरे



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// पोड़ी उपरोड़ा/कोरबा। विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत मोरगा में आयोजित सुशासन तिहार का क्लस्टर स्तरीय जन समस्या निवारण शिविर गुरुवार को जनसरोकार, समाधान और सुशासन का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया। शिविर में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की, अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं तथा मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया प्रारंभ होने से संतोष व्यक्त किया।

ग्राम पंचायत मोरगा में आयोजित इस शिविर में जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जे. पी. डडसेना मुख्य रूप से उपस्थित रहे। वहीं तहसील पोड़ी उपरोड़ा के तहसीलदार श्री मानिकपुरी ने भी ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य श्री विद्वान सिंह मरकाम रहे, जिन्होंने ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
शिविर में आर.ई.एस. विभाग के एस.डी.ओ., अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री वाई. के. जगत, क्लस्टर मोरगा अंतर्गत सभी 11 पंचायतों के सरपंच, सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक सहित ब्लॉक पोड़ी उपरोड़ा के विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विभाग प्रमुखों द्वारा ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों एवं शासन की नई पहल की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
ग्रामीणों ने आवास, राशन, रोजगार, पेयजल, सड़क, पेंशन, राजस्व एवं किसान हित से जुड़े विषयों पर आवेदन प्रस्तुत किए। शिविर में उपस्थित अधिकारियों ने आवेदन प्राप्त कर त्वरित निराकरण की प्रक्रिया प्रारंभ की, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण पात्र हितग्राहियों को लाभ वितरण रहा। मुख्य अतिथि श्री विद्वान सिंह मरकाम द्वारा नवीन जॉब कार्ड, राशन कार्ड एवं किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण किया गया। हितग्राहियों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। ग्रामीणों ने कहा कि इस प्रकार के शिविर शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
सुशासन तिहार के इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासन गांव-गांव तक सक्रियता के साथ पहुंच रहा है। पूरे कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों में उत्साह, जागरूकता और सहभागिता का विशेष माहौल देखने को मिला।


