“उन्नति से आत्मनिर्भरता तक” : बालको का ‘ब्लैक मेज़’ बना महिला शक्ति, स्वाद और सफलता का नया प्रतीक



6000 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा बालको का प्रोजेक्ट उन्नति, ‘ब्लैक मेज़’ ने रची सशक्तिकरण की प्रेरक कहानी
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// बालकोनगर, 21 मई 2026। बालकोनगर में महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की नई इबारत लिखते हुए बालको ने ‘ब्लैक मेज़’ फाइन डाइनिंग कैफे का भव्य शुभारंभ किया। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार सिंह द्वारा उद्घाटित यह कैफे केवल स्वाद का केंद्र नहीं, बल्कि संघर्ष, आत्मविश्वास और महिलाओं की बदलती पहचान का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है।
बालको की प्रमुख सामाजिक पहल ‘प्रोजेक्ट उन्नति’ से जुड़ी महिलाओं द्वारा संचालित ‘ब्लैक मेज़’ आज उस परिवर्तनकारी यात्रा का प्रतीक बन चुका है, जिसकी शुरुआत कभी छोटे से ‘उन्नति चौपाल’ के रूप में हुई थी। कभी चाट-पकौड़ी और स्थानीय व्यंजन परोसने वाला साधारण फूड सेंटर अब आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित भव्य फाइन डाइनिंग कैफे के रूप में विकसित हो चुका है, जहां एक साथ 50 से अधिक लोग बैठकर स्वाद और संस्कृति का आनंद ले सकते हैं।
स्वाद के साथ आत्मविश्वास भी परोस रहीं महिलाएं
‘ब्लैक मेज़’ में प्रवेश करते ही सलीके से सजा आकर्षक वातावरण, ताजे व्यंजनों की मनमोहक खुशबू और आत्मविश्वास से भरी महिलाओं की मुस्कान हर आगंतुक को विशेष अनुभव प्रदान करती है। यह कैफे केवल भोजन परोसने का स्थान नहीं, बल्कि उन महिलाओं की मेहनत, संघर्ष और सपनों की कहानी है, जिन्होंने सीमित दायरे से निकलकर अपनी अलग पहचान बनाई।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने कहा कि बालको महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आसपास के क्षेत्रों की 6,000 से अधिक महिलाएं आज आत्मनिर्भरता और सतत आजीविका की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रही हैं। ‘ब्लैक मेज़’ जैसी पहलें आने वाले समय में और अधिक महिलाओं को अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा देंगी।
गृहिणी से उद्यमी बनने तक का प्रेरक सफर
प्रोजेक्ट उन्नति के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को व्यंजन निर्माण, आतिथ्य सेवा, ग्राहक प्रबंधन, उद्यमिता और खाद्य गुणवत्ता जैसे विषयों पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसी प्रशिक्षण ने महिलाओं के भीतर छिपे हुनर को पहचान दिलाई और उन्हें आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास प्रदान किया।

उन्नति समूह की सदस्य निर्मला देशमुख ने कहा कि 2022 में उन्नति से जुड़ने के बाद उनके जीवन में अभूतपूर्व बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि बालको के सहयोग ने उनके कौशल को नई पहचान दी और उन्हें बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
वहीं समूह की सदस्य भारती ने भावुक होते हुए कहा कि जब उनकी बेटी ने मजाक में पूछा कि अब घर का स्वाद मिलेगा या ‘ब्लैक मेज़’ आना पड़ेगा, तब उन्हें अपनी उपलब्धि का वास्तविक एहसास हुआ। उन्होंने कहा कि यह मंच उनके लिए सपनों को नई उड़ान देने जैसा है।
छत्तीसगढ़ी संस्कृति और आधुनिकता का अनूठा संगम
‘ब्लैक मेज़’ का मेन्यू भी इसकी खास पहचान बन चुका है। यहां छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों के साथ उत्तर भारतीय, चाइनीज़ और लोकप्रिय फास्ट-फूड का बेहतरीन संयोजन देखने को मिलता है। भोजन के साथ यहां की सजावट और सांस्कृतिक प्रस्तुति आगंतुकों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपराओं से भी जोड़ती है।
कोरबा से पहुंचे एक ग्राहक ने कहा कि ‘ब्लैक मेज़’ का वातावरण बेहद आकर्षक और आत्मीय है। यहां भोजन के साथ छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का सुंदर अनुभव मिलता है।
560 स्वयं सहायता समूहों से बदल रही हजारों महिलाओं की जिंदगी
वर्षों से बालको का ‘प्रोजेक्ट उन्नति’ महिला सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत कार्य कर रहा है। इस पहल के माध्यम से अब तक 560 से अधिक स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा चुका है। इन समूहों से जुड़ी 6,000 से अधिक महिलाएं उन्नति महासंघ के माध्यम से विभिन्न सूक्ष्म और लघु उद्यमों का सफल संचालन कर रही हैं।
‘ब्लैक मेज़’ आज केवल एक कैफे नहीं, बल्कि महिलाओं द्वारा संचालित सतत उद्यमिता, आत्मविश्वास और सामाजिक परिवर्तन का प्रेरक मॉडल बन चुका है। बालको की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि अवसर और सही मार्गदर्शन मिलने पर महिलाएं केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और अर्थव्यवस्था की दिशा बदलने की क्षमता रखती हैं।


