“विचार से विजय तक” : भाजपा प्रशिक्षण महाभियान में गूंजा राष्ट्रवाद का मंत्र, कार्यकर्ताओं ने लिया जनसेवा का संकल्प



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा में भाजपा का दो दिवसीय वैचारिक महाकुंभ संपन्न, संगठन विस्तार से लेकर बूथ विजय तक बना रोडमैप
कोरबा। भारतीय जनता पार्टी जिला कोरबा द्वारा आयोजित दो दिवसीय “पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026” का भव्य एवं ऊर्जावान समापन राष्ट्रवाद, संगठन शक्ति और जनसेवा के संकल्प के साथ संपन्न हुआ। पूरे प्रशिक्षण महाभियान के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं में वैचारिक दृढ़ता, अनुशासन और संगठन के प्रति समर्पण का अद्भुत उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम ने न केवल कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से मजबूत किया, बल्कि आगामी जनसंपर्क अभियानों और संगठन विस्तार की दिशा में नई ऊर्जा भी प्रदान की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां भारती, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के तैलचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। वंदे मातरम् और वर्ग गीत की गूंज के बीच शुरू हुए प्रशिक्षण सत्रों ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति और संगठनात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया।
विचारधारा से संगठन तक, हर विषय पर हुआ गहन मंथन
प्रशिक्षण महाभियान के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता अनिल केसरवानी ने “प्रशिक्षण वर्ग का महत्व एवं विचार परिवार” विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्रहित सर्वोपरि मानने वाला वैचारिक आंदोलन है। कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने की।

इसके बाद “कार्यकर्ता विकास, गुण, आचरण एवं दायित्व” विषय पर भूपेंद्र सवन्नी ने कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक अनुशासन, सेवा भाव और जनसंपर्क की बारीकियों से अवगत कराया। इस सत्र की अध्यक्षता डॉ. राजीव सिंह ने की।
“देश के समक्ष चुनौतियां” विषय पर आयोजित सत्र में रामकुमार भट्ट ने राष्ट्रीय परिस्थितियों, सामाजिक चुनौतियों और राजनीतिक परिवर्तनों पर गहन विश्लेषण प्रस्तुत किया। इस सत्र की अध्यक्षता मीना शर्मा ने की।
सांस्कृतिक विरासत से राष्ट्रवाद तक गूंजे वैचारिक स्वर
“छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत एवं धरोहर” विषय पर अभिषेक शुक्ला ने प्रदेश की गौरवशाली परंपराओं, लोक संस्कृति और सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस सत्र की अध्यक्षता पवन कुमार सिंह ने की।
इसके बाद प्रदेश प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. अवधेश जैन ने “एकात्म मानववाद एवं सांस्कृतिक राष्ट्रवाद” विषय पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन देते हुए भाजपा की वैचारिक पृष्ठभूमि और राष्ट्र निर्माण की सोच को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भाजपा का मूल दर्शन अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक विकास पहुंचाना है। इस महत्वपूर्ण सत्र की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने की।

बूथ से मीडिया तक, जीत का तैयार हुआ मिशन प्लान
“कार्य पद्धति” विषय पर पूर्व सांसद चुन्नीलाल साहू ने संगठनात्मक संरचना, जनसंपर्क अभियान और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों पर विस्तृत जानकारी दी। इस सत्र की अध्यक्षता भोजराम देवांगन ने की।
मीडिया प्रबंधन एवं संवाद विषय पर सुशांत शुक्ला ने आधुनिक राजनीतिक संवाद, सोशल मीडिया की भूमिका और प्रभावी जनसंपर्क रणनीतियों पर मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रामदयाल उईके ने की।
वहीं बूथ प्रबंधन विषय पर सुनील पिल्लई ने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने, मतदाता संपर्क और चुनावी प्रबंधन के सूत्र साझा किए। इस सत्र की अध्यक्षता ज्योति वर्मा ने की।
“भारतीय जनता पार्टी का इतिहास एवं विकास” विषय पर नंदन जैन ने पार्टी की स्थापना से लेकर वर्तमान तक के संघर्ष, विस्तार और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस सत्र की अध्यक्षता पुनः गोपाल मोदी ने की।
“संगठन ही शक्ति” के संदेश के साथ हुआ समापन
दो दिवसीय प्रशिक्षण महाभियान के समापन अवसर पर भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं से जनसेवा, संगठन विस्तार, बूथ सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। पूरे आयोजन में भाजपा कार्यकर्ताओं का अनुशासन, समर्पण और उत्साह विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आया कि भाजपा आने वाले समय में वैचारिक मजबूती, प्रशिक्षित कार्यकर्ता और मजबूत संगठनात्मक ढांचे के साथ जनता के बीच और अधिक प्रभावी तरीके से कार्य करने की तैयारी में जुट चुकी है।


