May 18, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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“बस्तर में अब बंदूक नहीं, विकास की गूंज सुनाई देगी” : अमित शाह का बड़ा संदेश, डेढ़ साल में 70 सुरक्षा कैंप बनेंगे आधुनिक जनसेवा केंद्र

 

 

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// बस्तर/रायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री Amit Shah ने बस्तर के विकास, नक्सलवाद के खात्मे और आदिवासी समाज के भविष्य को लेकर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब बस्तर में बंदूक और भय का दौर समाप्त हो रहा है तथा आने वाला समय विकास, विश्वास और खुशहाली का होगा। उन्होंने कहा कि वर्षों तक नक्सलवाद और हथियारों की छाया के कारण बस्तर विकास की मुख्यधारा से दूर रहा, लेकिन अब यह क्षेत्र नए भारत की विकास यात्रा का मजबूत हिस्सा बनने जा रहा है।
श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने यह संकल्प लिया है कि रायपुर जैसे शहरों में हुए विकास कार्यों का लाभ अब बस्तर के अंतिम गांव तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार की हर योजना, हर सुविधा और हर संसाधन पर आदिवासी समाज का उतना ही अधिकार है, जितना बड़े शहरों में रहने वाले नागरिकों का है।
उन्होंने भावुक अंदाज में कहा, “यह आपकी सरकार है और आपके जीवन में खुशियां लाना सरकार की जिम्मेदारी है।”
डेढ़ साल में 70 सुरक्षा कैंप बनेंगे आधुनिक जनसेवा केंद्र
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर के लिए सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक करते हुए कहा कि वर्तमान में बस्तर क्षेत्र में लगभग 200 सुरक्षा कैंप संचालित हैं। इनमें से अगले डेढ़ वर्षों के भीतर 70 कैंपों को आधुनिक जनसेवा केंद्रों में परिवर्तित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इन जनसेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को एक ही परिसर में अनेक सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां बैंकिंग सेवा, आधार कार्ड निर्माण, राशन कार्ड से जुड़ी सुविधाएं, सरकारी योजनाओं की जानकारी, प्रमाण पत्र, लाभ वितरण और अन्य प्रशासनिक सेवाएं उपलब्ध रहेंगी।

 

 

इसके साथ ही कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों और आदिवासी परिवारों तक पहुंचाया जाएगा। श्री शाह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह है कि गांव के लोगों को छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए शहरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
“नक्सलवाद खत्म मानकर रुकना नहीं है”
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार होने के बावजूद अभी रुकने का समय नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्पष्ट कहा है कि नक्सलवाद समाप्ति की ओर बढ़ रहा है, लेकिन पूरी तरह शांति स्थापित होने तक सरकार लगातार सक्रिय रहेगी।
उन्होंने कहा कि दशकों तक नक्सली हिंसा ने बस्तर को भारी नुकसान पहुंचाया। विकास कार्य रुक गए, गांव भय के माहौल में जीते रहे और आदिवासी समाज मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहा। अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर अगले पांच वर्षों में इस नुकसान की भरपाई करेंगी।
उन्होंने कहा कि बस्तर के गांवों को “ऊर्जावान आदिवासी गांवों” के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा।
बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम से मिलेगी नई पहचान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार केवल सुरक्षा और विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि आदिवासी संस्कृति, प्रतिभा और परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए भी लगातार कार्य कर रही है।
इसी दिशा में “बस्तर ओलंपिक” की शुरुआत की गई है, ताकि आदिवासी युवाओं को खेल प्रतिभा दिखाने का मंच मिल सके और वे राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकें।
वहीं “बस्तर पंडुम” के माध्यम से आदिवासी साहित्य, लोकभाषा, संगीत, पारंपरिक कला, नृत्य और व्यंजनों को नई पहचान दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति देश की अमूल्य धरोहर है और इसे दुनिया तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है।
वीर गुंडाधुर को किया नमन, कहा — “अब बस्तर में वास्तविक आजादी का सूर्योदय”
अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी Gunda Dhur को श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि वीर गुंडाधुर ने जिस सपने के लिए संघर्ष शुरू किया था, आज बस्तर उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।
श्री शाह ने कहा, “देश को आजादी 1947 में मिल गई थी, लेकिन बस्तर में वास्तविक आजादी का सूर्योदय 31 मार्च 2026 के बाद हुआ है।”
उनके इस बयान के दौरान कार्यक्रम स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उन्होंने कहा कि अब बस्तर भय और हिंसा से मुक्त होकर विकास और सम्मान के नए युग में प्रवेश कर चुका है।
“विकास रोकने से नहीं, गति देने से बदलती है तस्वीर”
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि विकास को रोककर कभी प्रगति नहीं की जा सकती। जब विकास को गति मिलती है, तभी उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है। उन्होंने बस्तर के लोगों से शिक्षा, शांति और विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार मिलकर बस्तर के लोगों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने के लिए पूरी ताकत से कार्य करेंगी और विकास की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
श्री अमित शाह के इस विस्तृत संबोधन को बस्तर में नई उम्मीद, सुरक्षा, विश्वास और तेज विकास के बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक और सामाजिक जानकारों का मानना है कि आने वाले वर्षों में बस्तर देश के सबसे तेजी से बदलते क्षेत्रों में शामिल हो सकता है।

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