भक्ति, संस्कृति और शिवमय वातावरण से गूंज उठा पहरिया गाँव : संगीतमय श्री शिव महापुराण सप्ताह कथा श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//*जांजगीर-चांपा। जिले के ग्राम पहरिया स्थित पीपल चौक में आयोजित संगीतमय श्री शिव महापुराण सप्ताह कथा का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। अखंड ब्रह्मांड नायक परमपिता परमेश्वर की कृपा एवं पूर्वजों के आशीर्वाद से आयोजित इस दिव्य धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। पूरे सप्ताह गांव शिवमय वातावरण, भजन-कीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों से गुंजायमान रहा।
इस पावन आयोजन का संचालन धर्म एवं आध्यात्मिक सेवा से जुड़े सेवक परिवार — शिव नामदेव एवं अंजू नामदेव, देव कुमार एवं श्याम कली तथा अनारकली नामदेव परिवार के विशेष सहयोग से किया गया। आयोजन को सफल बनाने में ग्रामवासियों, माताओं, बहनों और युवाओं ने भी तन-मन से सहभागिता निभाई।
कथा व्यास पंडित सौरभ शर्मा ने सुनाई शिव महिमा
10 मई 2026 से 18 मई 2026 तक आयोजित इस शिव महापुराण कथा में कथा व्यास Saurabh Sharma ने भगवान शिव की महिमा, भक्ति, सेवा, त्याग, करुणा और सनातन संस्कृति के मूल तत्वों का अत्यंत भावपूर्ण एवं ओजस्वी वर्णन किया।
उन्होंने कहा कि श्री शिव महापुराण केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि जीवन को धर्म, सदाचार, मानवता और संस्कारों के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला दिव्य ग्रंथ है। उन्होंने भगवान शिव को भोलेनाथ बताते हुए कहा कि सच्चे मन से की गई शिव भक्ति से भक्तों के सभी दुख और कष्ट दूर हो जाते हैं।
भव्य कलश यात्रा और आदिवासी संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुति
कथा के प्रथम दिवस 10 मई 2026 को भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे गांव को भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर डोंगरी जवाली के लल्लू गवटिया, वीरेंद्र नामदेव (बर्तन दुकान वाले) एवं फागुन दास कोटवार के नेतृत्व में लगभग 30 सदस्यीय टीम ने ग्राम के प्रमुख मोहल्लों में पारंपरिक आदिवासी नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
ढोल, नगाड़ा, मांदर और गुदुम बाजा की मधुर ध्वनि के बीच पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं और युवतियों ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर सभी ग्रामीणों का मन मोह लिया। पूरे गांव में धार्मिक उत्साह और सांस्कृतिक समरसता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
प्रतिदिन हुए शिव महापुराण के विभिन्न दिव्य प्रसंग
पूरे सप्ताह प्रतिदिन शिव महापुराण के अलग-अलग प्रसंगों का विस्तृत वर्णन किया गया।
11 मई को देवी स्थापना एवं पुराण महामात्य का वर्णन किया गया।
12 मई को देव स्थापना एवं पुराण महामात्य की महिमा बताई गई।
13 मई को रूद्र संहिता का भावपूर्ण वर्णन हुआ।
14 मई को शिव-पार्वती विवाह प्रसंग सुनाया गया, जिसमें भगवान शिव की भूत-प्रेतों वाली आकर्षक बारात की भव्य झांकी निकाली गई। इस झांकी में उपस्थित श्रद्धालु भक्त बाराती बनकर शामिल हुए और पूरा वातावरण शिवमय हो उठा।
15 मई को श्री गणेश एवं कार्तिकेय कथा का वर्णन किया गया, जिसमें माता-पिता के प्रति सम्मान, पारिवारिक संस्कार और कर्तव्य भावना का संदेश दिया गया।
16 मई को द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा के माध्यम से भारत की आध्यात्मिक परंपरा और शिवभक्ति की महिमा का विस्तृत वर्णन किया गया।
17 मई को श्री उपमन्यु कथा एवं क्षत्रिय प्रसंग का श्रद्धापूर्वक वर्णन किया गया।
कथा व्यास पंडित सौरभ शर्मा ने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग के दौरान कहा कि भगवान शिव का जीवन सादगी, समानता और प्रेम का प्रतीक है। वहीं द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा के माध्यम से उन्होंने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की महानता को श्रद्धालुओं के समक्ष प्रस्तुत किया।
हवन, सहस्त्रधारा और ब्राह्मण भोज के साथ हुआ समापन
18 मई को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन, सहस्त्रधारा एवं पूर्णाहुति कार्यक्रम संपन्न हुआ। श्रद्धालु भक्तों ने पूर्णाहुति में भाग लेकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
इस दौरान विधिवत ब्राह्मण भोज का आयोजन किया गया, जिसके बाद पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी भोजन प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन स्थल पर पूरे सप्ताह सेवा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण बना रहा।
इनका रहा विशेष सहयोग
आयोजन में सहायक मुख्य यजमान के रूप में पिंटू-उमा, दीप्ति-विक्की, डायमंड-बबीता, वीरेंद्र-बृहस्पति, नरेंद्र-कल्याणी, सोनू-सुहानी, शारदा-रानू, मोहन मामाजी, दीपक-राजा एवं रंजीत सहित ग्राम के अनेक श्रद्धालुओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
ग्राम पहरिया स्थित रानी सुहाग भंडार एवं संबंधित प्रतिष्ठानों के सहयोग से आयोजित इस धार्मिक आयोजन में ग्रामीणजन, माताएं, बहनें और युवा श्रद्धालु लगातार सेवा कार्यों में जुटे रहे।
समापन अवसर पर ग्रामीणों ने इस आयोजन को ग्राम की धार्मिक-सांस्कृतिक एकता, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरण का प्रतीक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में तन, मन और धन से सहयोग करने का संकल्प लिया।
उल्लेखनीय है कि नामदेव परिवार लंबे समय से विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में सक्रिय सहभागिता निभाता आ रहा है। सावन सोमवार में भोलेनाथ की पूजा-अर्चना, तीज-सावन उत्सव, गणेश पूजा, दुर्गोत्सव, श्रीमद्भागवत कथा, शिवमहापुराण आयोजन तथा पंडित प्रदीप मिश्रा के कोरबा आयोजन में यजमान परिवार के रूप में भी अपनी सहभागिता दर्ज करा चुका है।


