भक्ति और श्रद्धा से गूंजा रेलवे स्टेशन क्षेत्र: भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ का शुभारंभ



माताओं-बहनों की विशाल सहभागिता, जगह-जगह हुआ पुष्पवर्षा से स्वागत, पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//कोरबा। रेलवे स्टेशन स्थित हनुमान मंदिर परिसर रविवार को भक्ति, आस्था और सनातन संस्कृति के रंग में पूरी तरह रंग गया, जब भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। आयोजन के प्रथम दिन बड़ी संख्या में माताओं एवं बहनों ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर विशाल कलश यात्रा में सहभागिता निभाई। धार्मिक जयघोष, शंखध्वनि और भजन-कीर्तन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
कलश यात्रा रेलवे स्टेशन स्थित कार्यक्रम स्थल से प्रारंभ होकर मुख्य मार्गों से होते हुए सप्तदेव मंदिर तक पहुंची। यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया गया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और वातावरण “जय श्रीराम” तथा “राधे-राधे” के जयकारों से गूंजता रहा।
इस पावन आयोजन में मुख्य आचार्य रामेश्वर प्रसाद द्विवेदी, जो दादर खुर्द स्थित जगन्नाथ मंदिर के मुख्य पुजारी हैं, विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके मार्गदर्शन में वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ कथा महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। वहीं उपाचार्य प्रकाश द्विवेदी एवं उदय द्विवेदी ने भी धार्मिक विधि-विधान संपन्न कराए।

श्रीमद्भागवत कथा का रसपान श्रद्धालु प्रसिद्ध कथावाचक कृष्ण कुमार द्विवेदी के श्रीमुख से करेंगे। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, धर्म, भक्ति और मानव जीवन के आध्यात्मिक संदेशों का भावपूर्ण वर्णन किया जाएगा। आयोजन समिति के अनुसार यह साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ 17 मई से 24 मई तक प्रतिदिन आयोजित होगा, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
पूरे आयोजन की व्यवस्था आदिशक्ति महिला मंडल द्वारा की जा रही है। समिति की महिलाओं ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण करने और पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है। आयोजन स्थल को आकर्षक धार्मिक सजावट से सजाया गया है, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आ रहा है।
रेलवे स्टेशन क्षेत्र में आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन ने पूरे शहर में आस्था का नया उत्साह भर दिया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस प्रकार के आयोजन समाज में धार्मिक चेतना, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। कलश यात्रा की भव्यता और श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।


