वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे पर कोरबा में आयुर्वेद का बड़ा संदेश: नि:शुल्क शिविर में उमड़ी लोगों की भीड़



“चलो आयुर्वेद की ओर” मिशन के तहत ब्लड प्रेशर-शुगर जांच, योग परामर्श और निशुल्क औषधि वितरण, डॉ. नागेंद्र शर्मा बोले — “जंकफूड बना युवाओं की सेहत का सबसे बड़ा दुश्मन”
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। विश्व उच्चरक्तचाप दिवस (वर्ल्ड हाइपरटेंशन डे) के अवसर पर कोरबा में आयोजित विशेष आयुर्वेद-योग चिकित्सा परामर्श एवं उपचार शिविर लोगों के लिए स्वास्थ्य जागरूकता का बड़ा केंद्र बन गया। “चलो आयुर्वेद की ओर” मिशन के तहत लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट, भारत विकास परिषद, नीमा एवं आयुष मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में महानदी कॉम्प्लेक्स निहारिका रोड स्थित पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय में आयोजित इस विशेष शिविर में बड़ी संख्या में अंचलवासी लाभान्वित हुए।
शिविर में छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञ एवं नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने अपनी चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान करते हुए लोगों को उच्चरक्तचाप, मधुमेह और बदलती जीवनशैली से उत्पन्न रोगों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, जंकफूड और पित्तवर्धक आहार के अत्यधिक सेवन के कारण बच्चों और युवाओं में भी ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
डॉ. नागेंद्र शर्मा ने कहा कि यदि समय रहते लोग अपनी जीवनशैली में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव करें तो इन बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है। उन्होंने लोगों को नियमित व्यायाम, योग, पैदल चलने, साइकिल चलाने और घरेलू कार्य स्वयं करने की सलाह दी। साथ ही बच्चों को मोबाइल और कंप्यूटर गेम्स से दूर रखकर पारंपरिक खेलों के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
शिविर में उच्चरक्तचाप (ब्लड प्रेशर) एवं मधुमेह (शुगर) की निशुल्क जांच की गई तथा मरीजों को संबंधित परीक्षित आयुर्वेदिक औषधियां भी नि:शुल्क वितरित की गईं। इसके साथ ही ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और हीट स्ट्रोक में लाभकारी “शीत सुधा शरबत” भी लोगों को नि:शुल्क पिलाया गया, जिसे लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान भारत विकास परिषद के क्षेत्रीय सेवा गतिविधि प्रमुख महेश गुप्ता ने नेत्रदान और देहदान के महत्व पर विस्तार से जानकारी देते हुए लोगों को इस महाअभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को स्कैनर युक्त पम्पलेट भी वितरित किए, ताकि इच्छुक व्यक्ति आसानी से फॉर्म भरकर इस सामाजिक अभियान का हिस्सा बन सकें।
शिविर में प्रतिभा शर्मा, सोमु (रवि प्रिंटर्स), नेत्रनंदन साहू, अश्वनी बुनकर, कमल धारिया, कवि रंजन दास, अरुण मानिकपुरी, देवबली कुंभकार, सिद्धराम शाहनी, राकेश इस्पात, पंचकर्म थेरेपिस्ट पिंकी बरेठ एवं सिमरन जायसवाल सहित अनेक समाजसेवियों और कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
कोरबा में आयोजित यह विशेष स्वास्थ्य शिविर केवल उपचार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और आयुर्वेद के महत्व को समझाने का प्रेरणादायी माध्यम बन गया। शिविर में उमड़ी भीड़ और लोगों की जागरूकता ने यह साबित कर दिया कि अब समाज तेजी से प्राकृतिक चिकित्सा और आयुर्वेद की ओर बढ़ रहा है।


