“बस्तर में शांति देख कांग्रेस क्यों बेचैन?” — अमित शाह के दौरे पर भाजपा का तीखा हमला, कहा- नक्सलवाद खत्म होने से कांग्रेस की राजनीति हुई खत्म



भाजपा प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा बोले — “कांग्रेस का विरोध नहीं, नक्सल समर्थक मानसिकता उजागर हो रही”
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रस्तावित बस्तर दौरे को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि बस्तर में लौटती शांति और तेजी से हो रहे विकास को देखकर कांग्रेस बौखला गई है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी को “नक्सल समर्थक मानसिकता” करार देते हुए कहा कि बस्तर अब बदल चुका है और यह बदलाव कांग्रेस को रास नहीं आ रहा।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी गई है। उन्होंने दावा किया कि अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और भाजपा सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति के कारण आज बस्तर नक्सली हिंसा और भय के साये से बाहर निकलकर विकास और खुशहाली की नई राह पर आगे बढ़ रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि दशकों तक बस्तर को हिंसा, भय और खून-खराबे में झोंकने वाली कांग्रेस आज वहां सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और विकास कार्यों की रौनक देखकर परेशान हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब-जब सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की, तब-तब कांग्रेस नेताओं की बेचैनी सामने आई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह “प्रलाप” उनके और नक्सलियों के बीच पुराने “भाईचारे” को उजागर कर रहा है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने बस्तर के सुदूर इलाकों तक सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई हैं। आज जिन क्षेत्रों में कभी नक्सलियों का दबदबा था, वहां अब स्कूल खुल रहे हैं, मोबाइल नेटवर्क पहुंच रहा है और युवा रोजगार व शिक्षा की ओर बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बस्तर का युवा अब बंदूक नहीं, किताब और कंप्यूटर की ताकत से अपनी पहचान बना रहा है। बीजापुर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के युवा यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षाएं पास कर रहे हैं। बस्तर के छात्र मेडिकल शिक्षा हासिल कर रहे हैं और खेलों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने उदाहरण देते हुए कहा कि बीजापुर जिले के गुदमा गांव के अंकित ने यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 816वीं रैंक हासिल कर पूरे बस्तर का नाम रोशन किया।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित “प्रयास” जैसे आवासीय विद्यालय, मुफ्त कोचिंग योजनाएं और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना अब आदिवासी युवाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही हैं। आत्मसमर्पण करने वाले युवाओं को सिलाई, कढ़ाई, बुनाई और लकड़ी नक्काशी जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, ताकि वे मुख्यधारा से जुड़ सकें।
उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर कभी सुरक्षा कैंप हुआ करते थे, वहां अब “जन सुविधा केंद्र” संचालित हो रहे हैं। युवा जैविक खेती, लघु वनोपज प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों के विपणन से आत्मनिर्भर बन रहे हैं। जगदलपुर में युवाओं द्वारा संचालित “पण्डुम कैफे” इसका बड़ा उदाहरण है। आज बस्तर का युवा प्रशासन और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर विकास और शांति की नई कहानी लिख रहा है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि बस्तर में लौटती खुशहाली और आदिवासी समाज के चेहरों पर दिखती मुस्कान कांग्रेस को असहज कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अब बस्तर की जनता कांग्रेस की “दोहरे चरित्र वाली राजनीति” को समझ चुकी है और आने वाले समय में कांग्रेस को इसका जवाब मिलेगा।
राजनीतिक हलकों में भाजपा के इस तीखे बयान के बाद बस्तर और नक्सलवाद का मुद्दा फिर से गरमा गया है। अमित शाह के दौरे से पहले प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक चर्चा में रहने की संभावना है।


