March 16, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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सीएसईबी कॉलोनी के खंडहर बने संदिग्ध गतिविधियों का अड्डा — दिनभर लड़के-लड़कियों का जमावड़ा, नशाखोरी और असामाजिक तत्वों से सहमे रहवासी

 

 

 

 

आधे-अधूरे तोड़े गए क्वार्टरों में बढ़ी संदिग्ध गतिविधियां, छह महीने से शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं; पार्षद राकेश वर्मा ने कलेक्टर से मांगी सख्त कार्रवाई
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//**  कोरबा पूर्व स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह के अंतर्गत आने वाली छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल (सीएसईबी) कॉलोनी क्रमांक-3 इन दिनों गंभीर अव्यवस्था और असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनती जा रही है। कॉलोनी में मौजूद कई जर्जर और आधे-अधूरे तोड़े गए क्वार्टर अब खंडहर में तब्दील हो चुके हैं, जहां दिन-दहाड़े संदिग्ध लोगों का जमावड़ा लग रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन खंडहर मकानों में लड़के-लड़कियों का आना-जाना, नशाखोरी और असामाजिक गतिविधियां खुलेआम हो रही हैं, जिससे कॉलोनी का माहौल पूरी तरह बिगड़ता जा रहा है।

 

 

वार्ड क्रमांक-21 के पार्षद राकेश कुमार वर्मा ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कलेक्टर को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि कॉलोनी के कई पुराने क्वार्टरों को आधा तोड़कर छोड़ दिया गया है, जो अब अपराध और संदिग्ध गतिविधियों का ठिकाना बन गए हैं। दिनभर इन खंडहर मकानों के आसपास अजनबी युवकों और युवतियों की आवाजाही देखी जा रही है, जिससे कॉलोनी में रहने वाले परिवारों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है।
स्थानीय रहवासियों के अनुसार इन परित्यक्त मकानों में अक्सर शराब की बोतलें, नशे से संबंधित सामग्री और गंदगी पड़ी रहती है। कई बार देर रात तक शोर-शराबा और हंगामा भी होता है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोग अपने बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता में हैं। रात के समय संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढ़ने से कॉलोनी के लोग घर से बाहर निकलने में भी डरने लगे हैं।
रहवासियों का यह भी कहना है कि इन जर्जर मकानों के कारण क्षेत्र में चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। कई परिवारों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
पार्षद राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि इस समस्या को लेकर सीएसईबी प्रबंधन से कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन करीब छह महीने बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने तीखा सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा लगता है मानो जिम्मेदार विभाग किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा हो।
पार्षद ने कलेक्टर से मांग की है कि कॉलोनी में मौजूद सभी क्षतिग्रस्त और आधे-अधूरे टूटे मकानों को तुरंत पूरी तरह ध्वस्त किया जाए, ताकि इन खंडहरों में चल रही संदिग्ध और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लग सके।
इधर कॉलोनीवासियों ने भी प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप कर सीएसईबी कॉलोनी को असामाजिक तत्वों के चंगुल से मुक्त कराने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण मिल सके।

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