कांग्रेस की ‘मोहब्बत की दुकान’ निकली नफरत का अड्डा! विवादित पोस्ट पर पीसीसी पदाधिकारी की गिरफ्तारी के बाद भाजपा का तीखा हमला



भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक बोले—सोशल मीडिया पर जहर उगलना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा, पार्टी बताए क्या नफरत फैलाने वालों का करेगी समर्थन या कार्रवाई?
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** रायपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के संयुक्त सचिव विनोद तिवारी की दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। इस पूरे मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने इस घटना को कांग्रेस की कथनी और करनी के अंतर का बड़ा उदाहरण बताते हुए कहा कि यह गिरफ्तारी कांग्रेस के असली चेहरे को उजागर करती है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता उज्ज्वल दीपक ने कहा कि यह घटना साफ दर्शाती है कि कांग्रेस पार्टी वैचारिक रूप से पूरी तरह दिवालिया हो चुकी है और अब केवल हेट स्पीच और विवादित बयानबाजी के सहारे अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक और राजनीतिक विद्वेष फैलाना कांग्रेस के डीएनए में शामिल हो गया है।
दीपक ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ राहुल गांधी देशभर में ‘मोहब्बत की दुकान’ का नारा देते हैं, जबकि दूसरी ओर उनके ही पार्टी पदाधिकारी सोशल मीडिया पर नफरत और जहर फैलाने में लगे हुए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह मोहब्बत की दुकान नहीं, बल्कि नफरत का शोरूम बन चुकी है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई यह स्पष्ट करती है कि कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह किसी भी दल का नेता या पदाधिकारी क्यों न हो। उन्होंने कहा कि विनोद तिवारी जैसे नेताओं के कृत्यों से छत्तीसगढ़ की शांतिप्रिय छवि को राष्ट्रीय स्तर पर ठेस पहुँची है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उज्ज्वल दीपक ने कांग्रेस नेतृत्व से सीधा सवाल करते हुए कहा कि पार्टी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे अपने नेताओं को केवल गाली-गलौज और समाज में विभाजन फैलाने की ट्रेनिंग देते हैं? उन्होंने मांग की कि कांग्रेस अपने संयुक्त सचिव की इस हरकत के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगे और स्पष्ट करे कि वह इस प्रकार के नफरत भरे पोस्ट का समर्थन करती है या उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि लोकतंत्र में स्वस्थ राजनीतिक संवाद जरूरी है, लेकिन सोशल मीडिया के माध्यम से समाज में नफरत और वैमनस्य फैलाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई ही समाज में जिम्मेदार राजनीति की दिशा तय कर सकती है।


