रायगढ़ के घरघोड़ा वनक्षेत्र में सनसनी—कुरकुट नदी में दो हाथियों के शव मिलने से हड़कंप



ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग मौके पर पहुंचा, एक हाथी का शव बाहर निकाला गया, दूसरे को निकालने की कार्रवाई जारी; मौत के कारणों की जांच शुरू
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//** रायगढ़ छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के घरघोड़ा वनक्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब कुरकुट नदी में दो हाथियों के शव तैरते हुए मिले। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग में हड़कंप मच गया और अधिकारी तथा वनकर्मी तत्काल मौके पर पहुंच गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घरघोड़ा वन परिक्षेत्र में लगभग 19 हाथियों का झुंड क्षेत्र में विचरण कर रहा था।
बताया जा रहा है कि बुधवार को स्थानीय ग्रामीणों ने कुरकुट नदी के पास कक्ष क्रमांक 1273 के आसपास दो हाथियों को मृत अवस्था में देखा। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही घरघोड़ा के प्रभारी रेंजर सहित वन अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग की टीम ने हाथियों के शवों को नदी से बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू कर दी।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब तक एक हाथी के शव को नदी से बाहर निकाल लिया गया है, जिसकी उम्र लगभग 5 वर्ष बताई जा रही है। वहीं दूसरा शव नदी में थोड़ी दूरी पर फंसा हुआ है, जिसे बाहर निकालने के लिए टीम लगातार प्रयास कर रही है। घटना स्थल पर वन विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और विशेषज्ञों की टीम मौजूद है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। हाथियों के शव को बाहर निकालने के बाद पंचनामा की कार्रवाई की जाएगी और पोस्टमार्टम के जरिए मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। मौके पर डॉग स्क्वायड की टीम भी जांच में जुटी हुई है।
हालांकि अभी तक हाथियों की मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि नदी में नहाते या पार करते समय दोनों हाथियों की डूबने से मौत हो सकती है। वन विभाग मामले की हर पहलू से जांच कर रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इस घटना के बाद क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग के अधिकारियों की निगाहें अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे हाथियों की मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।


