सीएसईबी कॉलोनी में हादसे का खतरा: चिन्हित 200 जर्जर पेड़ों की कटाई में देरी पर पार्षद राकेश वर्मा ने कलेक्टर को लिखा पत्र



गणेश पंडाल पर गिर चुका है पेड़, लगातार टूट रही शाखाएं; जनहानि की आशंका को देखते हुए जल्द कार्रवाई की मांग
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** कोरबा शहर के कोरबा पूर्व क्षेत्र स्थित सीएसईबी कॉलोनी में जर्जर और खतरनाक हो चुके पेड़ों को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है। इस मामले को लेकर वार्ड क्रमांक 21 के पार्षद राकेश कुमार वर्मा ने जिला प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कलेक्टर को पत्र लिखकर चिन्हित पेड़ों की जल्द कटाई कराने की मांग की है। पार्षद ने कहा है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
पार्षद राकेश कुमार वर्मा द्वारा 20 फरवरी 2026 को जिला कलेक्टर को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत गृह, कोरबा पूर्व अंतर्गत आने वाली सीएसईबी कॉलोनी में लगभग 200 पेड़ों को विभाग द्वारा काटने के लिए चिन्हित किया गया है। लेकिन चिन्हांकन किए जाने के बाद भी अब तक पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है, जिससे कॉलोनी में रहने वाले लोगों की चिंता लगातार बढ़ रही है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ दिन पहले कॉलोनी में एक बड़ा पेड़ सार्वजनिक गणेश पंडाल के ऊपर गिर गया था। उस समय पंडाल में बच्चे मौजूद थे और वे बाल-बाल बच गए। यह घटना इस बात का संकेत है कि क्षेत्र में जर्जर हो चुके पेड़ किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
इसके अलावा कॉलोनी के विभिन्न स्थानों से सूखे और कमजोर पेड़ों की शाखाएं टूटकर गिरने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं। कई स्थानों पर पेड़ों की बड़ी-बड़ी शाखाएं गिरने से लोगों में दहशत का माहौल है और स्थानीय निवासी लगातार प्रशासन से इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे हैं।
पार्षद राकेश वर्मा ने अपने पत्र में कहा है कि जब विभाग द्वारा पहले ही लगभग 200 पेड़ों को खतरनाक मानते हुए चिन्हित किया जा चुका है, तो उनकी कटाई में देरी करना उचित नहीं है। उन्होंने जिला कलेक्टर से आग्रह किया है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएं, ताकि चिन्हित पेड़ों की कटाई की प्रक्रिया जल्द से जल्द शुरू कराई जा सके और संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके।
उन्होंने कहा कि कॉलोनी में बड़ी संख्या में परिवार निवास करते हैं, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। ऐसे में जर्जर पेड़ों के कारण लगातार दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। पार्षद ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन इस गंभीर विषय पर शीघ्र निर्णय लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके और किसी भी प्रकार की जनहानि से बचा जा सके।


