अंतिम छोर के गाँव नकिया पहुँचे कलेक्टर कुणाल दुदावत, चौपाल लगाकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएँ — विकास कार्यों को लेकर दिए सख्त निर्देश


लेमरू स्वास्थ्य केंद्र में लैब टेक्नीशियन नियुक्त करने के निर्देश, चिर्रा–श्यांग सड़क जून तक पूर्ण करने को कहा
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** कोरबा जिले के सुदूर वनांचल और अंतिम छोर पर बसे ग्राम नकिया में शनिवार को उस समय उत्साह का माहौल बन गया जब कलेक्टर कुणाल दुदावत स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुँचे। आम के पेड़ के नीचे खाट पर बैठकर उन्होंने ग्रामीणों के साथ चौपाल लगाई और सहज अंदाज में कहा — “मैं कलेक्टर हूँ, आपकी समस्याएँ सुनने आया हूँ… बताइए आपके गाँव में क्या चाहिए।” कलेक्टर के इस आत्मीय संवाद से ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएँ और मांगें रखीं।

कलेक्टर दुदावत ने कोरबा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम लेमरू, नकिया और श्यांग का दौरा कर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी हकीकत जानी। ग्राम नकिया में उन्होंने पीवीटीजी परिवारों और ग्रामीणों के साथ दोपहर में चौपाल लगाकर उनकी समस्याएँ सुनीं और त्वरित समाधान का भरोसा दिलाया।
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने बाजार शेड निर्माण, आश्रित ग्राम कोतरा डाँड़ तक सड़क, ग्राम खराखेत पारा में स्कूल भवन, आंगनबाड़ी केंद्र, नकिया में विद्युतीकरण, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य कई आवश्यक मांगें रखीं। कलेक्टर ने सभी मांगों का परीक्षण कर यथासंभव शीघ्र पूरा कराने का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान कलेक्टर ने शासन की योजनाओं से मिल रहे लाभ की भी जानकारी ली। कुछ महिलाओं ने महतारी वंदन योजना की राशि खाते में नहीं आने की शिकायत की, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित बैंक को सोमवार को गाँव में विशेष शिविर लगाकर समस्या की जांच करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ग्रामीणों को खेती-किसानी के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बोर के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों को आधुनिक खेती के लिए प्रशिक्षण देने के निर्देश कृषि अधिकारियों को दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना के संबंध में उन्होंने बताया कि जिन ग्रामीणों का सर्वे हो चुका है उन्हें लक्ष्य मिलते ही आवास स्वीकृत किया जाएगा। जो लोग सर्वे से छूट गए हैं वे आवेदन दे सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना के लाभ से वंचित नहीं रखा जाएगा।
कलेक्टर ने यह भी बताया कि फरवरी माह में कुछ स्थानों पर चावल वितरण नहीं हो पाया था, इसलिए मार्च में राशन दुकानों से फरवरी का चावल भी वितरित किया जाएगा। वन अधिकार पत्र के संबंध में उन्होंने ग्रामीणों को ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
नकिया में विद्युतीकरण के लिए कलेक्टर ने विद्युत विभाग को परीक्षण कर शीघ्र कार्यवाही करने को कहा। इस दौरान उन्होंने ग्राम की सरपंच रमिला मंझवार से भी चर्चा की और निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने बाजार शेड और सीसी सड़क निर्माण के लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग को प्राक्कलन तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं जिला पंचायत के सीईओ को ग्राम नकिया की अलग रिपोर्ट तैयार कर प्रमुख समस्याओं को चिन्हित करने के लिए कहा।
इस दौरान कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अपने आवास का निर्माण शीघ्र पूर्ण करने वाले पहाड़ी कोरवा हितग्राही वीरूराम और शाम कुंवर को सम्मानित भी किया।
लेमरू स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण
दौरे के दौरान कलेक्टर कुणाल दुदावत ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेमरू का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस. एन. केशरी को अस्पताल में रक्त जांच के लिए शीघ्र लैब टेक्नीशियन नियुक्त करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अस्पताल में उपलब्ध दवाओं की जानकारी लेते हुए अन्य आवश्यक दवाइयाँ सीजीएमएससी के माध्यम से मंगाने के निर्देश दिए। साथ ही ड्रेसिंग के लिए कॉटन सहित अन्य जरूरी सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने और आपातकालीन उपचार व्यवस्था सुदृढ़ रखने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव को सुनिश्चित करने, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी करने तथा अस्पताल में प्रसव की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
चिर्रा–श्यांग सड़क निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
कलेक्टर ने अंतिम छोर के ग्राम श्यांग को जोड़ने वाले चिर्रा–श्यांग सड़क निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि जून माह तक सड़क निर्माण का कार्य हर हाल में पूर्ण किया जाए।
उन्होंने निर्माण कार्य की गति बढ़ाने के लिए अतिरिक्त मजदूर लगाने और गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में काम पूरा करने को कहा।
कलेक्टर के इस दौरे से दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के ग्रामीणों में उत्साह देखने को मिला और लोगों ने उम्मीद जताई कि अब उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान तेजी से होगा।


