“नारी शक्ति वंदन पर विधानसभा में गूंजा भाजपा का दमदार स्वर: लता उसेण्डी का कांग्रेस पर तीखा प्रहार, कहा—‘महिलाओं के हक पर राजनीति करने वाली पार्टी बेनकाब’”



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//*// रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण) को लेकर सत्ता पक्ष ने आक्रामक और प्रभावशाली रुख अपनाया। भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं विधायक लता उसेण्डी ने सदन में प्रथम वक्ता के रूप में जोरदार संबोधन देते हुए न केवल इस विधेयक का प्रखर समर्थन किया, बल्कि कांग्रेस पर तीखे राजनीतिक प्रहार भी किए।
उसेण्डी ने अपने भाषण की शुरुआत ही इस विधेयक को भारतीय लोकतंत्र का “स्वर्णिम अध्याय” बताते हुए की और कहा कि यह केवल कानून नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को न्याय दिलाने का ऐतिहासिक फैसला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को इस परिवर्तन का आधार बताते हुए कहा कि “जो काम दशकों तक अधूरा रहा, उसे मोदी सरकार ने संकल्प से सिद्धि तक पहुंचाया है।”
🔥 कांग्रेस पर सीधा हमला: “महिला विरोधी सोच अब उजागर”
लता उसेण्डी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की सबसे बड़ी बाधा खुद कांग्रेस रही है। उन्होंने शाहबानो प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटकर मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों से समझौता किया था।
उनका आरोप था कि “कांग्रेस ने हमेशा वोट बैंक की राजनीति के आगे महिलाओं के अधिकारों की बलि दी है। आज वही पार्टी महिला हितैषी बनने का दिखावा कर रही है, जिसे देश की जनता अच्छी तरह समझ चुकी है।”
💥 “आरक्षण पर भी कांग्रेस की नीयत साफ नहीं”
पंचायतों में महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए उसेण्डी ने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं को उतना ही अधिकार दिया, जिससे उसकी सत्ता को कोई खतरा न हो। इसके विपरीत भाजपा सरकार ने 2008 में पंचायतों में महिला आरक्षण को 33% से बढ़ाकर 50% किया, जिससे वास्तविक सशक्तिकरण का रास्ता खुला।
🌾 छत्तीसगढ़ की परंपरा और महिला नेतृत्व
उन्होंने बस्तर और छत्तीसगढ़ की जनजातीय परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां महिलाएं हमेशा निर्णय प्रक्रिया का अहम हिस्सा रही हैं। “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के लागू होने से अब यही परंपरा संसद और विधानसभा तक पहुंचेगी और महिलाएं नीति-निर्धारण में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।
⚡ “भाजपा के लिए नारी सम्मान, राजनीति नहीं—संस्कार”
उसेण्डी ने स्पष्ट किया कि भाजपा के लिए महिलाओं का सम्मान कोई चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि मूल विचारधारा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह विधेयक महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
📢 सर्वसम्मति का आह्वान
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सदन के सभी सदस्यों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस संकल्प का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि जब अधिक संख्या में महिलाएं सदन में आएंगी, तो वे जनहित के मुद्दों को अधिक संवेदनशीलता और प्रभावशीलता के साथ उठाएंगी।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का यह विशेष सत्र केवल एक विधेयक पर चर्चा नहीं, बल्कि राजनीतिक विचारधाराओं के टकराव का मंच बन गया, जहां भाजपा ने ‘नारी शक्ति वंदन’ को अपने विजन का प्रतीक बताया, वहीं कांग्रेस की नीतियों पर जमकर हमला बोला। आने वाले समय में यह मुद्दा प्रदेश की राजनीति में और अधिक गरमाने के संकेत दे रहा है।


