मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार’ को जमीन पर उतारती बालको की ‘आरोग्य’ परियोजना, वर्ष 2025 में 1.2 लाख से अधिक नागरिकों को मिला समग्र स्वास्थ्य संबल






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//*बालकोनगर, 13 जनवरी 2025।
वेदांता समूह की प्रमुख कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व स्वास्थ्य दिवस 2025 की थीम “मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार” को सार्थक रूप देते हुए अपनी सामुदायिक स्वास्थ्य परियोजना ‘आरोग्य’ के माध्यम से व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की हैं। वर्ष 2025 के दौरान बालको की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से लगभग 1.2 लाख लोगों को प्रत्यक्ष रूप से स्वास्थ्य लाभ मिला, जिससे कंपनी की सामाजिक प्रतिबद्धता और सामुदायिक विकास के प्रति समर्पण स्पष्ट रूप से सामने आया है।
उच्च गुणवत्ता वाली, सुलभ एवं समावेशी स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से बालको निरंतर आसपास के ग्रामीण एवं शहरी समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है। ‘आरोग्य’ परियोजना के तहत न केवल उपचारात्मक सेवाओं पर, बल्कि निवारक स्वास्थ्य देखभाल और व्यवहार परिवर्तन आधारित जागरूकता पर भी विशेष फोकस किया गया।

वर्ष भर के दौरान ‘आरोग्य’ परियोजना के अंतर्गत 77,700 से अधिक लोगों को प्राथमिक, निवारक एवं उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके साथ ही बालको द्वारा संचालित तीन ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से 3,400 से अधिक नागरिकों को नियमित प्राथमिक उपचार, चिकित्सकीय परामर्श एवं आवश्यक दवाइयों की सुविधा प्रदान की गई।
बालको की दो मोबाइल हेल्थ वैन (एमएचवी) इस परियोजना की रीढ़ साबित हुईं, जिनके माध्यम से 35,700 से अधिक लोगों तक सीधे उनके गांव एवं घर तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गईं। इन सेवाओं के अंतर्गत 16,800 से अधिक नागरिकों को नियमित पाक्षिक स्वास्थ्य परीक्षण, बुजुर्गों एवं असहाय मरीजों के लिए होम विज़िट, फिजियोथेरेपी सेवाएं तथा महिलाओं के लिए विशेष स्त्री रोग शिविरों का लाभ मिला।
स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आयोजित मल्टी-स्पेशलिटी मेगा हेल्थ कैंप में 1,200 से अधिक लोग लाभान्वित हुए। इस शिविर में सामान्य चिकित्सा, दंत चिकित्सा, त्वचा रोग, हड्डी रोग, स्त्री रोग के साथ-साथ विभिन्न आवश्यक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसी अवसर पर मोबाइल फिजियोथेरेपी यूनिट एवं लैब टेस्टिंग सुविधा का शुभारंभ भी किया गया, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को अत्याधुनिक जांच सेवाएं सहज रूप से मिल सकें।
बालको ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को अपनी प्राथमिकता में रखते हुए कुपोषण एवं एनीमिया उन्मूलन की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए। 51 आंगनवाड़ी केंद्रों में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 3,000 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई। इनमें से 835 बच्चों को गंभीर, मध्यम एवं हल्के कुपोषण की श्रेणी में चिन्हित कर पॉजिटिव डिविएंस हेल्थ सत्र, टीएचआर प्रशिक्षण एवं नियमित होम विज़िट के माध्यम से विशेष देखभाल प्रदान की गई। वहीं 18 गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में रेफर किया गया।
एनीमिया उन्मूलन के लिए आयोजित 40 विशेष स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से 1,000 से अधिक गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं एवं किशोरियां पोषण, आयरन सेवन और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक हुईं। वहीं ‘बेबी स्टेप्स टुगेदर’ पहल के अंतर्गत 80 से अधिक दंपतियों को मातृत्व देखभाल में पिता की सक्रिय भूमिका के महत्व के बारे में प्रशिक्षित किया गया।
सामाजिक व्यवहार परिवर्तन पर केंद्रित अभियानों के जरिए बालको ने प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों पर भी प्रभावी कार्य किया। नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत विद्यालयों, युवा चौपालों, नुक्कड़ नाटकों एवं जागरूकता सत्रों के माध्यम से 4,900 से अधिक युवाओं एवं समुदाय सदस्यों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। वहीं टीबी जागरूकता के लिए आयोजित 45 सत्रों के माध्यम से 500 से अधिक लोगों तक जानकारी पहुंचाई गई तथा 130 से अधिक स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित किया गया। कुल मिलाकर वर्ष भर में 35,000 से अधिक लोगों को विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर जागरूक किया गया।
बालको अपने सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से छत्तीसगढ़ के कोरबा, कवर्धा, सरगुजा एवं रायपुर जिलों के 123 गांवों में प्रतिवर्ष 2.1 लाख से अधिक लोगों तक लाभ पहुंचा रहा है। कंपनी की स्वास्थ्य पहलें राष्ट्रीय स्वास्थ्य लक्ष्यों एवं सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस प्रशासन तथा स्थानीय सामुदायिक संस्थाओं के सहयोग से बालको निरंतर स्वस्थ, सशक्त एवं आत्मनिर्भर समाज के निर्माण की दिशा में सार्थक कार्य कर रहा है।





