सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पर शिव नगरी पाली में गूंजा श्रद्धा-स्वाभिमान का स्वर, भाजपा मंडल पाली ने शिव धाम में की विशेष पूजा अर्चना






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** पाली भारत की सनातन संस्कृति, राष्ट्रीय स्वाभिमान और आस्था के प्रतीक सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के पावन अवसर पर शिव नगरी पाली में आध्यात्मिक वातावरण में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। यह आयोजन भारतीय जनता पार्टी, मंडल पाली के तत्वाधान में नगर स्थित शिव धाम में संपन्न हुआ, जहां भगवान भोलेनाथ एवं भगवान श्रीराम की विधिवत पूजा कर राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य एवं भारत को पुनः उसके स्वर्णिम युग की ओर ले जाने की मंगल कामना की गई।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व उन असंख्य वीरों और श्रद्धालुओं की स्मृति को नमन करने का अवसर है, जिन्होंने सोमनाथ मंदिर की रक्षा और सनातन धर्म की अस्मिता के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। यह पर्व केवल इतिहास का स्मरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक चेतना, आत्मगौरव और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का स्रोत है।

सोमनाथ मंदिर का गौरवशाली इतिहास
इतिहास साक्षी है कि लगभग 1000 वर्ष पूर्व, 1026 ई. में महमूद गजनबी ने सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण कर इसे नष्ट करने का प्रयास किया था। इसके बाद भी कई बार इस मंदिर पर आघात किए गए, किंतु सोमनाथ कभी झुका नहीं। यह मंदिर भारत की आत्मा, आस्था और अखंडता का प्रतीक बनकर सदैव खड़ा रहा।
स्वतंत्र भारत में सरदार वल्लभभाई पटेल के संकल्प और प्रयासों से वर्ष 1951 में सोमनाथ मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण हुआ। आज वर्ष 2026 में यह ऐतिहासिक मंदिर अपने पुनर्निर्माण के 75वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है, जो समूचे राष्ट्र के लिए गौरव का विषय है।
शिव नगरी पाली में भक्ति और राष्ट्रभाव का संगम
भगवान महाकाल के आंगन में मनाए जा रहे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की यह श्रृंखला शिव नगरी पाली में भी पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ देखने को मिली। शिव धाम में आयोजित पूजा-अर्चना के दौरान मंत्रोच्चार, आरती और सामूहिक प्रार्थना के माध्यम से देश की एकता, अखंडता और समृद्धि की कामना की गई।

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष श्री चंद्रशेखर पटेल, वरिष्ठ मार्गदर्शक श्री रामविलास जायसवाल, मंडल उपाध्यक्ष श्री हरीश चावड़ा, युवा तुर्क श्री जितेंद्र माटे, श्री विशाल मोटवानी, श्री हरि साहू एवं श्री मनोज डिक्सेना की विशेष उपस्थिति रही। सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में भारत को माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विश्व का सबसे अग्रणी राष्ट्र बनाने की मंगल कामना की।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत के आत्मसम्मान, संघर्ष और पुनर्जागरण का प्रतीक है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमें यह स्मरण कराता है कि कितनी भी विपरीत परिस्थितियां क्यों न हों, भारत की सनातन संस्कृति और राष्ट्रभाव कभी समाप्त नहीं हो सकता।
पूजा-अर्चना के समापन पर सभी उपस्थित जनों ने राष्ट्र, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए निरंतर समर्पित रहने का संकल्प लिया। संपूर्ण वातावरण हर-हर महादेव और जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा, जिससे शिव नगरी पाली में आध्यात्मिक ऊर्जा और राष्ट्रगौरव का अद्भुत संगम देखने को मिला।





