“फोगला आश्रम, श्रीधाम वृंदावन में भक्ति-रस की अविरल धारा: परम पूज्य कथा व्यास श्रीहित ललितवल्लभ नागर जी के श्रीमुख से 7 दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का दिव्य एवं भावपूर्ण समापन”






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** वृंदावन धाम।
श्रीधाम वृंदावन की पुण्य एवं अलौकिक भूमि पर स्थित फोगला आश्रम में आयोजित 7 दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का भव्य, गरिमामय एवं भावविभोर वातावरण में सफल समापन हुआ। इस दिव्य आयोजन में परम पूज्य कथा व्यास श्रीहित ललितवल्लभ नागर जी महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित अमृतमयी कथा-वाणी ने श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति, श्रद्धा और वैराग्य का स्थायी भाव जाग्रत कर दिया।


कथा के प्रथम दिवस से लेकर समापन तक सातों दिन भक्ति-रस की अविरल धारा बहती रही। श्रीमद्भागवत के गूढ़ तत्वों, भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्त प्रह्लाद, ध्रुव, रुक्मिणी विवाह, गोवर्धन पूजा सहित अनेक प्रसंगों का ऐसा सजीव, सरस और भावपूर्ण वर्णन हुआ कि श्रोता मंत्रमुग्ध होकर कथा में डूबते चले गए। महाराज श्री की ओजस्वी वाणी और मधुर भावाभिव्यक्ति ने कथा को केवल श्रवण का विषय नहीं, बल्कि आत्मिक अनुभूति का माध्यम बना दिया।
इस महा आयोजन की विशेषता यह रही कि देश के विभिन्न राज्यों से पधारी 172 पोथियों के माध्यम से शास्त्रीय मर्यादा एवं सनातन परंपरा का अत्यंत गरिमामय और अनुकरणीय स्वरूप देखने को मिला। यह दृश्य न केवल दर्शनीय था, बल्कि सनातन संस्कृति की गहराई और एकता का सशक्त संदेश भी दे रहा था।
🔸 व्यवस्थाएं बनीं आयोजन की पहचान
श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए आवास, अनुशासन, सेवा एवं प्रसाद व्यवस्था को अत्यंत सुव्यवस्थित और सराहनीय ढंग से संपन्न किया गया। विशेष रूप से भोजन व्यवस्था की हर ओर भूरी-भूरी प्रशंसा हुई।
➡️ सुबह, दोपहर और शाम—तीनों समय भरपूर एवं स्वादिष्ट भोजन

➡️ प्रतिदिन विविध प्रकार के मिष्ठान (मीठे व्यंजन)
➡️ भोजन में न अधिक मसाला, न फीका—मध्यम, संतुलित और अत्यंत स्वादिष्ट
श्रद्धालुओं ने एक स्वर में कहा कि भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और स्वाद ने सेवा-भाव को और भी ऊँचाई प्रदान की। सभी ने व्यवस्थाओं की खुले दिल से प्रशंसा की और इसे एक आदर्श आयोजन बताया।
🔸 सेवाभाव और समर्पण की मिसाल
आयोजन को सफल बनाने में आश्रम से जुड़े सभी सेवाभावी कार्यकर्ताओं, व्यवस्थापकों और सहयोगियों का योगदान अनुकरणीय रहा। हर स्तर पर समर्पण, विनम्रता और सेवा-भाव की जीवंत झलक देखने को मिली, जिसने इस कथा को केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि एक स्मरणीय आध्यात्मिक उत्सव बना दिया।

🔸 आयोजक परिवार की भावपूर्ण कृतज्ञता
इस दिव्य अवसर पर आयोजक परिवार की ओर से भावपूर्ण शब्दों में कहा गया कि—
“हम सभी के लिए यह सौभाग्य का विषय है कि फोगला आश्रम, श्रीधाम वृंदावन में परम पूज्य महाराज श्रीहित ललितवल्लभ नागर जी के श्रीमुख से श्रीमद्भागवत महापुराण कथा श्रवण का अवसर प्राप्त हुआ। यह आयोजन हमारे जीवन में भक्ति और कृतज्ञता की अमिट छाप छोड़ गया।”
आयोजक परिवार ने महाराज श्री के चरणों में सादर नमन करते हुए, इस भव्य आयोजन को सफल बनाने वाले सभी सहयोगियों, सेवकों एवं श्रद्धालुओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
🔸 पुनः ऐसे सत्संग की कामना
समापन अवसर पर ईश्वर से प्रार्थना की गई कि ऐसे ही दिव्य सत्संग, कथा-श्रवण और भगवत्-कृपा का सौभाग्य सभी को बार-बार प्राप्त होता रहे।
आभार सहित
सिंधु मुकेश गोयल
माता शारदा गोयल
एवं समस्त गोयल परिवार
स्वर्णभूमि, रायपुर





