आयुर्वेद से निरोगी जीवन का संदेश: कोरबा में 351 रोगियों को मिला निःशुल्क उपचार, महापौर संजू देवी राजपूत ने किया आयुर्वेद के अधिकाधिक उपयोग का आह्वान






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** कोरबा पतंजलि योगपीठ दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट, हरिद्वार के 32वें एवं भारत स्वाभिमान ट्रस्ट, हरिद्वार के 18वें स्थापना दिवस के अवसर पर कोरबा नगर में आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को समर्पित एक वृहद् निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन 5 जनवरी 2026, सोमवार को पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय, महानदी कॉम्प्लेक्स, निहारिका में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिक निगम कोरबा की महापौर श्रीमती संजू देवी सिंह राजपूत, विशिष्ट अतिथि नीमा छत्तीसगढ़ के प्रांतीय सचिव डॉ. विकास अग्रवाल तथा अध्यक्षता श्री शिव औषधालय के संस्थापक ख्यातिलब्ध नाड़ीवैद्य पंडित शिव कुमार शर्मा ने की।

भगवान धन्वंतरि के पूजन से हुआ शिविर का शुभारंभ
शिविर का शुभारंभ सभी अतिथियों, चिकित्सकों एवं शिविरार्थियों द्वारा आयुर्वेद प्रवर्तक भगवान धन्वंतरि एवं भारत माता के तैलचित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन एवं विधिवत पूजन-अर्चन के साथ किया गया। इसके पश्चात निःशुल्क दंत रोग, अस्थि खनिज घनत्व जांच (Bone Mineral Density Test), आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श एवं योग उपचार शिविर की विधिवत शुरुआत की गई।
351 रोगियों को मिला निःशुल्क उपचार एवं परामर्श
इस वृहद् शिविर में आँख, नाक, कान, गला, दंत रोग, चर्म रोग, गुद रोग, शिशु रोग, स्त्री रोग, वात रोग, श्वास रोग सहित विभिन्न सामान्य, कष्टसाध्य एवं असाध्य रोगों से पीड़ित स्त्री, पुरुष एवं बच्चों सहित कुल 351 रोगी लाभान्वित हुए।
दंत चिकित्सा में बिना दर्द की अनूठी प्रक्रिया
गुजरात आयुर्वेद डेंटिस्ट्री के सुप्रसिद्ध दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास अग्रवाल ने शिविर में 63 दंत रोगियों की जांच की। विशेष रूप से ऐसे 18 मरीज, जो शुगर एवं उच्च रक्तचाप के कारण लंबे समय से दांत निकलवाने में असमर्थ थे, उनके बिना किसी दर्द निवारक दवा के ‘जालंधर बंध’ विधि द्वारा दांत निकाले गए। इस अद्भुत और पीड़ारहित उपचार से लाभान्वित रोगियों ने डॉ. अग्रवाल की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए आभार व्यक्त किया।

126 मधुमेह रोगियों की निःशुल्क जांच
शिविर के दौरान 126 मधुमेह रोगियों की निःशुल्क रक्त शर्करा जांच की गई। साथ ही सभी रोगियों को उनकी बीमारी के अनुसार आयुर्वेदिक औषधि, आहार-विहार, दिनचर्या एवं ऋतुचर्या के विषय में विस्तारपूर्वक परामर्श दिया गया।
योग एवं प्राणायाम का विशेष प्रशिक्षण
रोगियों को निरोगी जीवन हेतु मण्डूकासन, शशकासन, पादहस्तासन, वक्रासन, मर्कटासन के साथ-साथ भस्त्रिका, कपालभाति एवं अनुलोम-विलोम प्राणायाम का व्यक्तिगत रूप से विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया।
आयुर्वेद दवा का कोई साइड इफेक्ट नहीं – संजू देवी राजपूत
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर श्रीमती संजू देवी सिंह राजपूत ने कहा कि
“आयुर्वेदिक चिकित्सा का कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। आयुर्वेद दवा बीमारी को जड़ से समाप्त करती है। हम सभी को आधुनिक जीवनशैली में आयुर्वेद को अपनाकर स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ना चाहिए।”
उन्होंने इस प्रकार के जनहितकारी आयोजनों के लिए आयोजकों एवं चिकित्सकों की सराहना की।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
शिविर में मुख्य रूप से
नाड़ीवैद्य पंडित शिव कुमार शर्मा, डॉ. विकास अग्रवाल, नाड़ीवैद्या डॉ. वागेश्वरी शर्मा, नाड़ीवैद्य डॉ. नागेन्द्र नारायण शर्मा, डॉ. संजय वैष्णव, डॉ. प्रदीप सिंह कश्यप,
कोसाबाड़ी मंडल अध्यक्ष डॉ. राजेश राठौर, योग शिक्षक संजय कुर्मवंशी, राजेश प्रजापति, दुर्गेश राठौर, इन्द्रनारायण जायसवाल, धर्मेंद्र सिंह यादव,
महानदी कॉम्प्लेक्स से संजय अग्रवाल, पवन मोदी सहित अश्विनी बुनकर, मनीष कौशिक, कमल धारिया, नेत्रनंदन साहू, कुश गुप्ता, दिलीप साहू, मनीष मल्होत्रा, सुधीर सक्सेना, शिव जायसवाल, गजेंद्र राठौड़, सिद्धराम शाहनी, राकेश इस्पात, सिमरन जायसवाल, राजकुमार पटेल, पिंकी बरेठ एवं देवबली कुंभकार की विशेष उपस्थिति रही।





