बालको ने फिर रचा इतिहास — ‘रन फॉर जीरो हंगर’ चैलेंज 2025 में लगातार चौथी बार हासिल की जीत, 15.93 लाख किलोमीटर दौड़कर दिया पोषणयुक्त भविष्य का संदेश






बालकोनगर, 13 अक्टूबर 2025।
वेदांता समूह की इकाई भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने एक बार फिर अपनी एकजुटता, फिटनेस और सामाजिक दायित्व के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट परिचय देते हुए वीडीएचएम “रन फॉर जीरो हंगर” चैलेंज 2025 में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। बालको ने लगातार चौथी बार यह खिताब अपने नाम किया, जिससे समूह के भीतर एक बार फिर यह सिद्ध हुआ कि बालको केवल औद्योगिक उत्पादन में ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
12 अक्टूबर तक चले इस अभियान के दौरान बालको परिवार ने कुल 15,93,142 किलोमीटर की दूरी तय की — जो न केवल समूह में शीर्ष स्थान पर रहा, बल्कि समाज के प्रति जागरूकता और सेवा भावना की एक मिसाल भी बना। दिल्ली में आयोजित भव्य समापन समारोह में बालको को यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी प्रदान की गई।


वेदांता समूह का यह अनोखा अभियान इस विचार पर आधारित है कि कर्मचारियों द्वारा तय किए गए हर एक किलोमीटर के बदले जरूरतमंद बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इस वर्ष समूह ने 5 मिलियन किलोमीटर के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया।
लगभग दो महीनों तक चले इस अभियान में बालको के कर्मचारियों, उनके परिवारजनों, व्यावसायिक साझेदारों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों ने पूरे उत्साह से भाग लिया। इसने जहां कर्मचारियों में स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया, वहीं समाजसेवा और सहभागिता की भावना को भी प्रबल किया।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने इस सफलता को बालको परिवार के सामूहिक प्रयास और समर्पण का परिणाम बताते हुए कहा —
“लगातार चौथी बार ‘वीडीएचएम चैलेंज’ में विजेता बनना हमारे बालको परिवार की प्रतिबद्धता और एकजुटता का प्रमाण है। इस वर्ष 1.5 मिलियन किलोमीटर की दूरी तय करना हमारी उस भावना को दर्शाता है, जिसमें फिटनेस को समाजसेवा से जोड़ा गया है। यह पहल हमारे ‘हेल्थ फर्स्ट’ दृष्टिकोण को और मजबूत करती है।”
समूह के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल के “समाज को वापस देने” के विचार को साकार करते हुए, इस अभियान से जुटाए गए भोजन को भारत के 14 राज्यों में स्थित 6,500 से अधिक नंद घरों के बच्चों तक पहुँचाया जाएगा। अनिल अग्रवाल फाउंडेशन द्वारा संचालित यह पहल बाल विकास, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन लाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।
बालको की यह लगातार चौथी जीत न केवल खेल भावना और टीम वर्क की विजय है, बल्कि यह एक स्वस्थ, सशक्त और कुपोषण-मुक्त भारत के निर्माण की दिशा में कंपनी की सतत प्रतिबद्धता का सशक्त प्रतीक भी है।
बालको परिवार की यह उपलब्धि दर्शाती है कि जब उद्योग, समाज और संवेदनशीलता एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तो परिवर्तन केवल संभव नहीं — अवश्यंभावी हो जाता है।





