कोरबा नगर निगम पहली बार करेगा भव्य रामलीला और दशहरा मेला का आयोजन, महापौर संजू देवी राजपूत ने क्षेत्रवासियों को आमंत्रित किया


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****/ कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा के इतिहास में पहली बार भव्य रामलीला एवं दशहरा उत्सव मेला आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक घंटाघर स्थित ओपन थियेटर मैदान में होगा। प्रत्येक दिन शाम 7 बजे से रात 10:30 बजे तक होने वाले इस भव्य आयोजन में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक धरोहर और जनभावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
नगर निगम महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने पत्रकारवार्ता में जानकारी देते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों से अवगत कराने का माध्यम होगा। उन्होंने कहा कि “मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जीवन लीला और उनके द्वारा स्थापित आदर्श हमारे समाज की सबसे बड़ी धरोहर हैं। अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश रामलीला के माध्यम से आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना त्रेतायुग में था।”
महापौर ने क्षेत्र की जनता से आह्वान किया कि वे इस भव्य आयोजन में परिवार सहित शामिल हों और भगवान श्रीराम की लीला का साक्षात्कार कर पुण्य लाभ प्राप्त करें।
कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि यह आयोजन धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में श्रीराम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक क्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आयोजन उसी परंपरा और भक्ति भाव को आगे बढ़ाने वाला है। वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की श्रीरामलला दर्शन योजना ने छत्तीसगढ़ के हजारों श्रद्धालुओं को अयोध्या में भगवान श्रीराम के दर्शन का सौभाग्य प्रदान किया है।
पत्रकारवार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, पार्षद नरेंद्र देवांगन, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक चावलानी, डॉ. राजीव सिंह, सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।
रामलीला और दशहरा मेला आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक भगवान श्रीराम की जीवन गाथा और आदर्शों को पहुँचाना है। आयोजकों ने बताया कि मंचन के दौरान धर्म, सत्य और न्याय की विजय तथा अधर्म की पराजय का अद्भुत संदेश प्रस्तुत होगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनेगा।
कोरबा में पहली बार आयोजित होने वाला यह ऐतिहासिक आयोजन निश्चित ही क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।

