350वीं शहीदी शताब्दी पर कोरबा में ऐतिहासिक नगर कीर्तन यात्रा का भव्य आगमन, गुरुवाणी की अमृतधारा में सराबोर हुआ शहर


कोरबा, 18 सितंबर। हिंद की चादर, धर्म एवं मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित ऐतिहासिक नगर कीर्तन यात्रा का कोरबा आगमन बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा भाव के साथ हुआ। यह पावन यात्रा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, पंजाब एवं गुरुद्वारा डुबरी साहिब, असम के संयुक्त तत्वावधान में निकाली जा रही है, जो देश के विभिन्न राज्यों में होकर भाईचारे और त्याग-बलिदान का संदेश दे रही है।












नगर निगम की महापौर ने किया स्वागत
18 सितंबर की शाम लगभग 7 बजे यह नगर कीर्तन यात्रा सीएसईबी चौक, कोरबा पहुंची। यहां नगर निगम की महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने श्रद्धापूर्वक यात्रा का स्वागत किया और गुरु साहिब के चरणों में नमन किया। पंज प्यारेयों की अगुवाई में सजीव और भव्य रूप में निकली इस यात्रा ने पूरे शहर का वातावरण आध्यात्मिक बना दिया।
गुरुवाणी की अमृतधारा से गूंजा कोरबा
नगर भ्रमण करते हुए यह यात्रा टीपी नगर स्थित श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा साहिब पहुंची। यहां गुरुद्वारा प्रबंधन समिति और संगत द्वारा नगर कीर्तन का भावपूर्ण स्वागत किया गया। गुरुवाणी की मधुर अमृतवाणी और कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब गया। नगर कीर्तन में शामिल होकर श्रद्धालु निहाल हो उठे।
हर धर्म के लोगों ने दिखाई श्रद्धा
इस ऐतिहासिक यात्रा में सिख समाज के श्रद्धालुओं के साथ-साथ अन्य धर्मों और समुदायों के लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने गुरु तेग बहादुर साहिब जी के जीवन संदेशों को आत्मसात किया और उन्हें मानवता, भाईचारे तथा धार्मिक स्वतंत्रता के अमर सेनानी के रूप में स्मरण किया।
उद्देश्य : बलिदान और भाईचारे का संदेश
नगर कीर्तन यात्रा का उद्देश्य गुरु तेग बहादुर साहिब जी के अद्वितीय बलिदान और शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। यह यात्रा न केवल सिख समाज, बल्कि पूरे देश को त्याग, सेवा और एकता का संदेश दे रही है।
कोरबा में ऐतिहासिक नगर कीर्तन का आगमन स्थानीय जनों के लिए एक अविस्मरणीय क्षण साबित हुआ। श्रद्धा और भक्ति से सराबोर इस यात्रा ने यह संदेश दिया कि गुरु साहिब के आदर्श आज भी समाज को नई दिशा और प्रेरणा देने में पूर्णतः सक्षम हैं।

