मुंगेली में कांग्रेस की फजीहत – “वोट चोर-गद्दी छोड़” कार्यक्रम बना नौटंकी


मुंगेली। कांग्रेस का प्रदेश स्तरीय आंदोलन “वोट चोर-गद्दी छोड़” का ढोल तो खूब पीटा गया, लेकिन इसकी हकीकत ने कांग्रेस की पोल-पट्टी खोल दी है। बताया जा रहा है कि भीड़ जुटाने के लिए कांग्रेस ने मजदूरों और गरीब तबके के लोगों को रोजी-रोटी का लालच देकर रैली में बुलाया। इतना ही नहीं, महिलाओं को 100-100 रुपये देकर भीड़ का हिस्सा बनाया गया, जबकि कई महिलाएं 300 रुपये की मांग कर रही थीं। इस शर्मनाक खेल में बच्चों तक को रैली में शामिल किया गया, जो कांग्रेस की राजनीति के खोखलेपन को उजागर करता है।
प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट इस कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे हैं, लेकिन भीड़ जुटाने के तरीके से कांग्रेस कमेटी की भयंकर किरकिरी हो रही है। विपक्ष ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए सवाल उठाए हैं कि – क्या यही है कांग्रेस का लोकतंत्र, जहां भीड़ जुटाने के लिए गरीब मजदूरों की जेब में नोट डालकर उन्हें झूठे नारे लगवाए जाते हैं?
स्थानीय जनता और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस का यह कार्यक्रम जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। “वोट चोर-गद्दी छोड़” के नारे लगाने वाली कांग्रेस खुद नोटों के बल पर भीड़ खरीदने में लगी है, जो उसकी हताशा और बौखलाहट को दर्शाता है।
👉 कांग्रेस का यह कथित आंदोलन अब चर्चा का विषय नहीं, बल्कि मजाक और फजीहत का कारण बन गया है।

