“अशोक चक्र पर जूते रखकर कांग्रेस विधायक ने किया राष्ट्रीय प्रतीक का घोर अपमान – सचिन पायलट और दीपक बैज रहे मूकदर्शक : भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी”


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***/ रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने खरसिया के कांग्रेस विधायक उमेश पटेल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने एक बार फिर देश की अस्मिता, संविधान और राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान किया है। सोशल मीडिया में वायरल एक तस्वीर ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है, जिसमें कांग्रेस विधायक उमेश पटेल संविधान और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के प्रतीक अशोक चक्र पर जूता रखकर बैठे नजर आ रहे हैं।
श्री चिमनानी ने कहा कि यह दृश्य उस समय का है जब कांग्रेस की रैली में प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट और दीपक बैज मौजूद थे। विडंबना यह रही कि दोनों बड़े नेता इस शर्मनाक हरकत का विरोध करने के बजाय मंच पर खड़े होकर सेल्फी खिंचवाने में मशगूल रहे। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के चरित्र का असली चेहरा है, जो राष्ट्रभक्ति और लोकतंत्र की मर्यादा के बजाय चापलूसी और चमचागिरी को प्राथमिकता देती है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा –
➡️ अशोक चक्र, जो सेना के जवानों को सर्वोच्च शौर्य पुरस्कार देने का प्रतीक है, उस पर जूते पहनकर बैठना सिर्फ एक विधायक की मूर्खता नहीं बल्कि पूरे देश की जनता और सैनिकों का अपमान है।
➡️ कांग्रेसियों ने हमेशा संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान किया है, और उमेश पटेल का यह कृत्य सीधे-सीधे राष्ट्रीय अस्मिता को ठेस पहुँचाने वाला आपराधिक कृत्य है।
➡️ कांग्रेस पार्टी के भीतर ऊपर से लेकर नीचे तक नेताओं की चमचागिरी और चरणवंदना की होड़ लगी हुई है, जिसके कारण राष्ट्रीय प्रतीकों तक का अपमान करने से उन्हें कोई संकोच नहीं है।
इसी के साथ श्री चिमनानी ने कांग्रेस की रैली में हुए घोटाले को भी बेनकाब किया। उन्होंने कहा कि खरसिया में निकाली गई इस तथाकथित रैली में भीड़ जुटाने के लिए कांग्रेसियों ने महिलाओं को 200 रुपए देने का वादा किया, लेकिन उन्हें मात्र 100 रुपए थमाए गए। इस धोखाधड़ी से महिलाओं में आक्रोश फैल गया और कांग्रेस की असलियत एक बार फिर उजागर हो गई।
चिमनानी ने कहा कि जब कांग्रेस संगठन के फंड में भी घोटाला करने से पीछे नहीं हटती, तो मजदूरी के पैसों में भी भ्रष्टाचार करना उनके चरित्र का हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा –
“यह सिर्फ रैली नहीं थी, बल्कि कांग्रेस की भ्रष्ट राजनीति और राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान का खुला प्रदर्शन था।”

