प्रकाश चंद्र रात्रे की नियुक्ति से लैंगा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में विज्ञान शिक्षा का स्तर हुआ उत्कृष्ट


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **/ कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम लैंगा में स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है। राज्य शासन की युक्तियुक्त करण नीति के अंतर्गत विज्ञान विषय के विशेषज्ञ शिक्षक श्री प्रकाश चंद्र रात्रे की नियुक्ति से विद्यालय में शिक्षा का स्तर उन्नत हुआ है।

शिक्षक प्रकाश चंद्र रात्रे न केवल छात्रों को पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें प्रयोग आधारित शिक्षण विधि से विज्ञान के गूढ़ सिद्धांत समझाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके रोचक शिक्षण तरीकों और युक्तिपूर्ण युक्तियुक्तकरण ने बच्चों में विज्ञान के प्रति गहरी रुचि विकसित की है। श्री रात्रे बताते हैं कि पहले जहां बच्चे विषय को केवल पुस्तक तक सीमित समझते थे, वहीं अब वे सक्रिय रूप से प्रयोगों के माध्यम से अवधारणाओं को समझने का प्रयास कर रहे हैं। इससे बच्चों की सोच में व्यापक परिवर्तन आया है।
कक्षा 7वीं और 8वीं के छात्र-छात्राओं जैसे शुभम, लवकेश, रश्मि और सीमा ने बताया कि विज्ञान विषय अब उनके लिए रुचिकर बन गया है। उन्होंने कहा कि अम्ल-क्षार के सिद्धांत, द्रव्य की अवस्थाएं, विशेषताओं की पहचान और अन्य वैज्ञानिक अवधारणाएं अब उन्हें सरल भाषा और प्रयोगों के माध्यम से समझाई जा रही हैं। इससे उनकी अवधारणा स्पष्ट हो रही है और वे आत्मविश्वास के साथ प्रश्नों का उत्तर देने लगे हैं।
विद्यालय के शिक्षकों और अभिभावकों ने श्री रात्रे की नियुक्ति को स्वागत योग्य बताया। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों में सकारात्मक ऊर्जा आई है, उपस्थिति में वृद्धि हुई है और उनमें आत्मविश्वास का स्तर भी बढ़ा है। पिछड़े क्षेत्र लैंगा में पहले विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की भारी कमी थी, जिससे बच्चों का शैक्षणिक विकास प्रभावित हो रहा था। अब विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से यह स्थिति बदल रही है और बच्चे विज्ञान के जटिल सिद्धांतों को आसानी से समझने में सक्षम हो रहे हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी के नेतृत्व में चलाए जा रहे स्वास्थ्य अभियान और राज्य शासन की अन्य पहलें ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार लाने में प्रभावी सिद्ध हो रही हैं। इससे निश्चित रूप से आने वाले वर्षों में क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।

