कोरबा) गेवरा कोयला परियोजना में अनुचित हैवी ब्लास्टिंग से ग्रामीणों में भय का माहौल – अधिकारियों को सुनाई खरी-खोटी, जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत


त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***/ कोरबा। कोयला खदान में हो रही अनुचित हैवी ब्लास्टिंग से आसपास के ग्रामों में दहशत का माहौल बन गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लिमिटेड की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल (S.E.C.L.) बिलासपुर के अधीन संचालित मेगा कुसमुंडा परियोजना के तहत गेवरा कोयला परियोजना में मंगलवार सुबह करीब 8:15 बजे की गई हैवी ब्लास्टिंग से पूरा क्षेत्र दहल उठा। यह ब्लास्टिंग सामान्य समय से पहले की गई, जिससे आसपास के ग्रामों के लोग खासकर ग्राम जटराज, सोनपुरी, पाली, पढ़ानियां सहित कई अन्य गांवों के ग्रामीण भयभीत हो गए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सामान्यतः हैवी ब्लास्टिंग दोपहर लगभग 2 बजे की जाती है, ताकि सभी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुनिश्चित की जा सके। इसके तहत तीन किलोमीटर के दायरे को खाली कर दिया जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया। इस अनियमितता को लेकर ग्रामीण खदान के समीप पहुंचे और खदान प्रबंधन के अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। ग्रामीणों का कहना है कि खदान द्वारा अनियंत्रित और समय से पूर्व की गई ब्लास्टिंग से घरों में दरारे आ रही हैं और कई लोग मानसिक रूप से परेशान हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि एसईसीएल ने ज़मीन का अधिग्रहण तो कर लिया है, लेकिन अब तक कई लोगों को उचित मुआवजा, नौकरी या वसाहट की सुविधा नहीं दी गई है, जिसके चलते वे अपने जीवन यापन में गंभीर कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। इस संबंध में प्रभावित ग्रामीणों ने जिलाधीश कार्यालय पहुँचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है और आवश्यक जांच की मांग की है।
जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत के बाद क्षेत्रीय प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता से की जाएगी और यदि अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित विभाग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसईसीएल के अधिकारी मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं और आधिकारिक बयान नहीं दिया गया है।
इस मामले में ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल अपनी सुरक्षा और न्याय प्राप्त करना है।

